राजस्थान में बनेंगे 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, 1 लाख करोड़ से ज्यादा की योजना, 2 पर काम शुरू
जयपुर। राजस्थान में सड़क नेटवर्क को हाईस्पीड और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य में 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे Greenfield Express way विकसित किए जाएंगे। इन एक्सप्रेस-वे के बनने के बाद प्रदेश में लंबी दूरी का सफर तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा।
जानकारी के अनुसार, इन 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं की कुल लागत करीब 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। खास बात यह है कि इनमें से 2 एक्सप्रेस-वे पर काम शुरू हो चुका है, जबकि बाकी परियोजनाएं चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई जाएंगी।
पहले फेज में इन 2 एक्सप्रेस-वे पर शुरू हुआ काम
राजस्थान में एक्सप्रेस-वे निर्माण का पहला चरण शुरू हो गया है। इस चरण में दो ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे पर निर्माण कार्य शुरू किया गया है—
1) कोटपूतली – किशनगढ़ एक्सप्रेस-वे
यह एक्सप्रेस-वे राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्रों को जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा। इसके बनने से जयपुर, अजमेर और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। साथ ही दिल्ली-एनसीआर से राजस्थान के कई हिस्सों तक यात्रा समय में भी कमी आने की उम्मीद है।
2) ब्यावर – भरतपुर एक्सप्रेस-वे
यह मार्ग राजस्थान के पूर्वी हिस्से में यातायात को नई गति देगा। इस एक्सप्रेस-वे से भरतपुर, अलवर और आसपास के जिलों में यात्रा आसान होगी और पर्यटन तथा व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
NHAI बना रही है दोनों एक्सप्रेस-वे
इन दोनों परियोजनाओं का निर्माण कार्य नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा किया जा रहा है। NHAI के माध्यम से बनने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे अंतरराष्ट्रीय मानकों पर तैयार किए जाएंगे, जिनमें हाईस्पीड ट्रैफिक के लिए बेहतर डिजाइन, मजबूत सड़कें और आधुनिक सुविधाएं शामिल होंगी।
राजस्थान के 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे/हाईवे की पूरी सूची (विवरण सहित)
(1) कोटपूतली – किशनगढ़ एक्सप्रेस-वे
स्थिति: काम शुरू
फायदा: जयपुर-अजमेर बेल्ट में ट्रैफिक दबाव कम होगा, यात्रा समय घटेगा
कनेक्टिविटी: NH-48 कॉरिडोर से जुड़े इलाकों को मजबूती
(2) ब्यावर – भरतपुर एक्सप्रेस-वे
स्थिति: काम शुरू
फायदा: पूर्वी राजस्थान में तेज कनेक्टिविटी, टूरिज्म व व्यापार को बढ़ावा
कनेक्टिविटी: भरतपुर-अलवर क्षेत्र की पहुंच बेहतर
(3) जयपुर – भीलवाड़ा एक्सप्रेस-वे
उद्देश्य: राजधानी जयपुर को मेवाड़ क्षेत्र से सीधे जोड़ना
फायदा: टेक्सटाइल, ग्रेनाइट और उद्योगों के लिए तेज ट्रांसपोर्ट
प्रभाव: जयपुर से भीलवाड़ा की यात्रा आसान और तेज
(4) जयपुर – चित्तौड़गढ़ एक्सप्रेस-वे
उद्देश्य: जयपुर से चित्तौड़गढ़ तक हाईस्पीड कॉरिडोर
फायदा: पर्यटन (चित्तौड़गढ़ किला) और व्यापारिक मूवमेंट बढ़ेगा
प्रभाव: मेवाड़-हाड़ौती क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी
(5) जयपुर – बीकानेर एक्सप्रेस-वे
उद्देश्य: शेखावाटी होते हुए बीकानेर तक सीधी तेज सड़क
फायदा: उत्तर-पश्चिम राजस्थान में लॉजिस्टिक्स मजबूत
प्रभाव: सेना/सीमा क्षेत्र तक आवागमन भी आसान
(6) जोधपुर – बीकानेर एक्सप्रेस-वे
उद्देश्य: मारवाड़ से बीकानेर क्षेत्र को जोड़ना
फायदा: रेगिस्तानी जिलों में विकास और उद्योगों को गति
प्रभाव: जोधपुर-बाड़मेर क्षेत्र से व्यापारिक कनेक्टिविटी बढ़ेगी
(7) जोधपुर – जैसलमेर एक्सप्रेस-वे
उद्देश्य: पर्यटन नगरी जैसलमेर तक हाईस्पीड कनेक्शन
फायदा: टूरिज्म, होटल इंडस्ट्री और स्थानीय रोजगार में बढ़ोतरी
प्रभाव: जोधपुर से जैसलमेर का सफर तेज और सुरक्षित
(8) अजमेर – उदयपुर एक्सप्रेस-वे
उद्देश्य: मध्य राजस्थान से मेवाड़ क्षेत्र को जोड़ना
फायदा: उदयपुर पर्यटन और उद्योग को फायदा
प्रभाव: अजमेर-नाथद्वारा-उदयपुर बेल्ट में बेहतर आवागमन
(9) कोटा – उदयपुर एक्सप्रेस-वे
उद्देश्य: हाड़ौती (कोटा) को मेवाड़ (उदयपुर) से जोड़ना
फायदा: शिक्षा हब कोटा से दक्षिण राजस्थान की सीधी कनेक्टिविटी
प्रभाव: स्टूडेंट्स, व्यापार और पर्यटन को लाभ
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे क्या होते हैं?
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे वे होते हैं जो नई जमीन पर नए रूट से बनाए जाते हैं। इससे पुराने हाईवे पर दबाव कम होता है और यात्रा ज्यादा सुरक्षित व तेज बनती है।
राजस्थान को क्या होंगे बड़े फायदे?
इन एक्सप्रेस-वे के बनने से—
✅ यात्रा समय कम होगा
✅ ट्रैफिक जाम में राहत मिलेगी
✅ उद्योग, पर्यटन और व्यापार बढ़ेगा
✅ परिवहन लागत घटेगी
✅ नए रोजगार के अवसर बनेंगे
निष्कर्ष
राजस्थान में प्रस्तावित 9 ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे राज्य को आधुनिक हाईस्पीड रोड नेटवर्क से जोड़ने की बड़ी योजना है। पहले चरण में कोटपूतली-किशनगढ़ और ब्यावर-भरतपुर एक्सप्रेस-वे पर काम शुरू होना इसे मजबूत शुरुआत देता है। आने वाले समय में इनके पूरा होने के बाद राजस्थान में सफर तेज, सुरक्षित और आसान हो जाएगा।
