चंद्रयान-3 की लैंडिंग की तैयारियों के बीच जोधपुर एम्स की नर्सिंग ऑफिसर मीना विश्नोई ने चांद पर जमीन खरीदी है। मीना ने अपनी बच्चियों के लिए एक एकड़ जमीन खरीदी है। संभवत: वे राजस्थान की पहली महिला हैं जिन्होंने चांद पर जमीन ली है।
मीना विश्नोई ने बताया कि समाज में किसी महिला के पहली लड़की होने पर उसे बोझ की तरह समझते हैं। यदि दूसरी भी लड़की हो जाएं तो यह बोझ परिवार को अधिक लगने लगता है। मेरे दो लड़कियां हैं, जो मेरे लिए चांद का टुकड़ा हैं। इसलिए मैंने उनके लिए ही चांद पर लेक ऑफ हैप्पीनेस के पास एक एकड़ जमीन खरीद ली है। मीना ने बताया कि मेरी एक दोस्त आयरलैंड में रहती है। मैंने उसके मार्फत चांद पर जमीन ली है। लूना सोसायटी इंटरनेशनल वर्तमान में चांद पर जमीन बेच रहा है। उनसे हमने रजिस्ट्री करवाई है। मीना ने बताया कि बेटी पीहू और नीनू के लिए खरीदी है। मेरे लिए दोनों बेटियां चांद के टुकड़े जैसी हैं, इसलिए उन्हें चांद का टुकड़ा तोहफे में दिया है। मेरे मां-बाप ने मेरे लिए जो भी किया, वैसे ही मैं मेरी बेटियों के लिए करना चाहती हूं। मैं इनको इतना शिक्षित कर काबिल बनाना चाहती हूं कि ये खुद एक दिन चांद तक जाएं।
शाहरुख खान, सुशांत सिंह के नाम पर भी चांद पर जमीन
फिल्म अभिनेता शाहरुख खान से लेकर सुशांतसिंह राजपूत जैसे कई देशी और विदेशी लोगों ने चांद पर अपने नाम से जमीन खरीदी। इन्हीं के बीच जोधपुर भोपालगढ़ के हिंगोली गांव में जन्मी मीना विश्नोई का भी अब चांद पर जमीन लेने वालों की लिस्ट में नाम दर्ज हो गया है।
इसके अलावा बिजनेसमैन और स्टॉक मार्केट में टेक्निकल एनालिस्ट राजीव बागड़ी, बेंगलुरू में बिजनेस एनालिस्ट की पोस्ट पर काम करने वाले ललित मोहता, ओडिशा के ढेंकानाल जिले के निवासी साजन, गुजरात के बिजनेसमैन विजय कथेरिया, धर्मेंद्र अनीजा, गौरव गुप्ता आदि कई भारतीय हैं, जिन्होंने चांद पर जमीन खरीदी है।
एम्स की नर्सिंग ऑफिसर बोलीं- दोनों बेटियां चांद का टुकड़ा, उनके लिए खरीदी जमीन
आप भी चांद पर जमीन खरीद सकते हैं
https://lunarregistry.com पर चांद की जमीन ऑनलाइन खरीद सकते हैं। समय-समय पर डिस्काउंट भी मिलता है।
चांद पर मिली जमीन का प्रमाण पत्र।
अपनी दोनों बेटियों व पति के साथ मीना विश्नोई।
ये कर रहे जमीन बेचने का दावा
जानकारी के अनुसार लूना सोसाइटी और इंटरनेशनल लूनर लैंड्स रजिस्ट्री वे कंपनियां हैं जो चांद पर जमीन बेचने का दावा करती है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष कानून के आधार पर चांद पर जमीन खरीदना कानूनी तौर पर मान्य नहीं है।
जैसा अधिकार
साल 1967 में अंतरिक्ष संधि पर 109 देशों ने हस्ताक्षर किए थे. इसके अनुसार, अंतरिक्ष और उसके सभी प्राकृतिक संसाधनों पर हर मनुष्य का एक जैसा अधिकार है यानी यह सार्वजनिक संपत्ति है, जिसके मुताबिक कोई देश या इंसान अंतरिक्ष में किसी भी अपनी संपत्ति का दावा नहीं कर सकता है.
कोई कानून आधार नहीं
हालांकि कई कंपनियों के द्वारा चांद पर जमीन बेची जा रही है. इसको लेकर इन कंपनियों का कहना है कि वे अंतरिक्ष संधि का उल्लंघन नहीं कर रही हैं, वे केवल जमीन की बेच रही, कोई स्वामित्व नहीं. बता दें कि चांद पर जमीन खरीदने के लिए कोई कानून आधार नहीं दिए गए हैं.
चांद पर जमीन खरीदना पड़ेगा भारी
वहीं, अंतरिक्ष संधि के मुताबिक, चांद पर जमीन होने का कोई भी व्यक्ति या देश दावा नहीं कर सकता है इसलिए चांद पर जमीन खरीदना एक धोखा है. अगर आप भी चांद पर जमीन खरीदने की सोच रहे हैं, तो इससे बचें क्योंकि यह केवल एक धोखा है. इससे आपका भारी नुकसान हो सकता है.
सुशांत सिंह राजपूत ने भी खरीदी थी जमीन
सुशांत सिंह राजपूत चांद पर जमीन खरीदने वाले पहले एक्टर थे. उन्होंने 2018 में इंटरनेशनल लूनर लैंड्स रजिस्ट्री से खरीदी. उनकी ये जमीन चांद के ‘सी ऑफ मसकोवी’ में है. सुशांत ने यह जमीन 25 जून 2018 को अपने नाम करवाई थी. इसी जमीन की निगरानी के लिए सुशांत ने एक टेलीस्कोप 14LX00 भी खरीदा था.
