मन्नत मोटर्स में आगजनी प्रकरण: पुलिस की बड़ी सफलता, दो आरोपी गिरफ्तार – मुख्य आरोपी की तलाश तेज
झुंझुनूं : शहर के चूरू रोड स्थित मन्नत मोटर्स में बीती रात आग लगाकर 18 गाड़ियों को जलाने की सनसनीखेज वारदात के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवकों की पहचान मुख्य आरोपी अनिल कुमावत के भाई विनोद कुमावत और भांजे निखिल कुमावत के रूप में हुई है।
बदमाशों ने वर्कशॉप में लगाई आग, 18 कारें जलकर कबाड़ – चूरू बाइपास रोड पर सनसनी
पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों ने आगजनी की साजिश और वारदात में प्रमुख भूमिका निभाई। वहीं, वारदात को अंजाम देने के बाद फरार चल रहे मुख्य आरोपी अनिल कुमावत और उसके साथियों की तलाश में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है।
चार विशेष टीमें कर रही हैं लगातार दबिश
घटना के बाद जिला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें विभिन्न स्थानों पर लगातार दबिश देकर फरार आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर रही हैं।
जल्द होगी मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी: डीएसपी
डीएसपी गोपाल ढाका ने बताया कि आगजनी प्रकरण में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
उन्होंने कहा—
“मुख्य आरोपी अनिल कुमावत और उसके फरार साथी पुलिस की रडार पर हैं। टीमें लगातार काम कर रही हैं। बहुत जल्द सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।”
18 गाड़ियाँ जलकर हुई थीं राख
गौरतलब है कि बीती रात मन्नत मोटर्स वर्कशॉप में अज्ञात बदमाशों ने आग लगा दी थी, जिसमें 18 कारें पूरी तरह जलकर राख हो गई थीं। यह सभी गाड़ियां मरम्मत और सर्विसिंग के लिए खड़ी थीं। आगजनी से लाखों रुपये का नुकसान हुआ।
वर्कशॉप के दो गेट
इस वर्कशॉप में प्रवेश के दो गेट हैं। एक मुख्य चूरू मार्ग से है दूसरा कॉलोनी की तरफ जाने वाले मार्ग से है। पुलिस को तलाश करने पर गैराज के पीछे झाड़ियों में टूटे हुए तीन सीसीटीवी कैमरे भी मिले हैं, जिससे साफ है कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने और सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की थी। पुलिस अब आस-पास के अन्य कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
आरोपी की थड़ी पर चली जेसीबी
इधर नगर परिषद प्रशासन ने पुलिस के सहयोग से आरोपी के भाई विनोद की सगिरा सर्किल पर रखी अस्थाई थड़ी को तोड दिया। मौके से फ्रीज व अन्य सामान जब्त कर लिया। इस बारे में सफाई निरीक्षक सत्यवीर ने बताया कि इस बारे में पुलिस ने अतिक्रमण के बारे में बताया था। इसके बाद अतिक्रमण हटाया गया। इस दौरान विनोद के परिजनों ने विरोध भी जताया।
