दहेज रहित आदर्श विवाह: भैरूगढ़ में सामाजिक चेतना की अनूठी मिसाल
Jhunjhunu News आज के दौर में जहाँ शादियों में अनावश्यक खर्च और दहेज जैसी कुप्रथाएँ आम हो चुकी हैं, वहीं राजस्थान के झुंझुनू जिले में मंड्रेला कस्बे के भैरूगढ़ गाँव में एक ऐसा विवाह सम्पन्न हुआ जिसने पूरे समाज के सामने सादगी और आदर्श का उदाहरण प्रस्तुत किया।
विवाह का अनोखा निर्णय
ग्राम झांझा (बुहाना) निवासी श्री घीसाराम यादव (पूर्व सरपंच एवं वर्तमान सरपंच प्रतिनिधि) के सौपुत्र व नरेन्द्र यादव के पुत्र श्री चित्राक्ष यादव (हैड कांस्टेबल, CRPF मिनिस्ट्रीयल) का रिश्ता ग्राम भैरूगढ़ निवासी श्री संतकुमार यादव की सुपुत्री सुश्री रविना (एम.एस.सी., बी.एड.) से तय हुआ था।
10 अगस्त को गोद भराई की रस्म के दौरान दोनों परिवारों ने आपसी सहमति से सगाई की रस्म को सीधे विवाह में बदलने का निर्णय लिया।
मात्र 1 रुपये और नारियल में हुई शादी
इस विवाह की सबसे बड़ी विशेषता रही कि यह पूरी तरह दहेज रहित था। वर पक्ष ने वधू पक्ष से सिर्फ 1 रुपया और नारियल शगुन के रूप में स्वीकार किया। बिना कार्ड, बिना लंबी रस्मों और बिना किसी भव्य खर्च के यह “चट मंगनी पट ब्याह” सादगी और प्रेमपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ।
बिना कार्ड, बिना दिखावा – सादगी में सम्पन्न
बिना किसी निमंत्रण कार्ड, भव्य सजावट या लंबी रस्मों के, यह विवाह अत्यंत सादगी और प्रेमपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। यह सचमुच “चट मंगनी पट ब्याह” का जीता-जागता उदाहरण था।
सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार
यह कदम समाज में फैली दहेज प्रथा जैसी बुराइयों के खिलाफ एक सशक्त संदेश है। दुल्हन के पिता श्री संतकुमार यादव वर्तमान में जिला पुलिस अधीक्षक, झुंझुनूं श्री बृजेश ज्योति उपाध्याय (IPS) के चालक के पद पर कार्यरत हैं।
समारोह में उपस्थित गणमान्य लोग
इस प्रेरणादायक आयोजन में श्री नारायण सिंह यादव (व्याख्याता), श्री हवासिंह यादव (सरपंच प्रतिनिधि), श्री रामनिवास यादव, श्री फूलचंद यादव, श्री वीरसिंह यादव सहित अनेक ग्रामीण व रिश्तेदार मौजूद रहे और इस पहल की खुलकर सराहना की।
निष्कर्ष
भैरूगढ़ का यह विवाह न केवल एक पारिवारिक उत्सव था, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा स्रोत भी है। जब दो परिवार आपसी सहमति और सादगी से बिना दिखावे और दहेज के शादी कर सकते हैं, तो यह सिद्ध करता है कि बदलाव हमारे छोटे-छोटे कदमों से ही शुरू होता है।
