व्याख्याता पर छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोप: प्रधानाचार्य पर भी पीड़ित छात्राओं को धमकाने का आरोप, एसआईटी जांच की मांग
झुंझुनूं। जिले के स्वतंत्रता सेनानी बालाराम राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत एक हिंदी व्याख्याता पर नाबालिग छात्राओं से कथित छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मामले में विद्यालय की प्रधानाचार्य पर भी शिकायत करने वाली छात्राओं को धमकाने और कार्रवाई को दबाने के आरोप लगाए गए हैं। प्रकरण के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और प्रशासन में हलचल मच गई है।
शिक्षा मंत्री से शिकायत के बाद हुई कार्रवाई
पीड़ित छात्राओं ने शिक्षा मंत्री को लिखित शिकायत देकर हिंदी व्याख्याता सत्यानारायण शर्मा पर छात्राओं के साथ गलत व्यवहार, छेड़छाड़ और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। शिकायत मिलने के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने 5 जुलाई को आरोपी व्याख्याता को एपीओ (Awaiting Posting Order) कर दिया।
इसके बाद विभागीय जांच टीम ने विद्यालय पहुंचकर छात्राओं, शिक्षकों और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। मामले की जांच जारी है।
फौजी ने बताया कि स्कूल के निवर्तमान हिंदी व्याख्याता सत्यनारायण शर्मा पर पिछले 3 साल से नाबालिग छात्राओं के शारीरिक व मानसिक शोषण का आरोप है। इसके अलावा छात्राओं ने प्रधानाचार्य सुशीला पर मामला दबाने का आरोप लगाया है।
आरोपी को बचाने का आरोप लगाया है। छात्राओं को कार्यालय में बुलाकर भविष्य खराब करने की धमकी देने का आरोप लगाया है। व्याख्याता के पक्ष में जबरन बयान दिलवाने का आरोप लगाया है।
प्रधानाचार्य पर भी लगे गंभीर आरोप
शिकायत में विद्यालय की प्रधानाचार्य पर आरोप लगाया गया है कि छात्राओं द्वारा शिकायत करने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं की गई। साथ ही कुछ छात्राओं को कथित रूप से शिकायत वापस लेने और भविष्य खराब होने की धमकी देने की बात भी सामने आई है।
इन आरोपों के बाद छात्राओं और सामाजिक संगठनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है।
एसआईटी से जांच कराने की मांग
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) सहित विभिन्न संगठनों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी
शिकायतकर्ताओं ने आरोपी व्याख्याता पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी लगाए हैं। आरोप है कि प्रतिनियुक्ति और अन्य मामलों में नियमों की अनदेखी कर सरकारी राजकोष को नुकसान पहुंचाया गया। हालांकि इन आरोपों की भी विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है।
विभाग की कार्रवाई पर नजर
शिक्षा विभाग फिलहाल पूरे मामले की जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।