विमान क्रैश बड़ा हादसा: डिप्टी सीएम अजीत पवार का निधन, 6 लोगों की मौत
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पवार का बुधवार सुबह बारामती में हुए एक दर्दनाक विमान हादसे में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वे जिला पंचायत परिषद चुनाव प्रचार के लिए मुंबई से प्राइवेट एयरक्राफ्ट के जरिए बारामती आ रहे थे। इसी दौरान लैंडिंग के समय विमान क्रैश हो गया और कुछ ही सेकंड में पूरा घटनास्थल आग की चपेट में आ गया।
सुबह 8:10 बजे उड़ान, लैंडिंग के समय हुआ क्रैश
प्राप्त जानकारी के अनुसार विमान ने सुबह करीब 8:10 बजे उड़ान भरी थी। उड़ान के कुछ समय बाद जब विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग करने जा रहा था, उसी दौरान तकनीकी या परिस्थितिजन्य कारणों से नियंत्रण बिगड़ गया और विमान रनवे के पास क्रैश हो गया।
हादसे के बाद विमान के फ्यूल टैंक में ब्लास्ट हो गया, जिससे विमान में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि बचाव का मौका ही नहीं मिल पाया।
विमान में कुल 6 लोग थे सवार, सभी की मौत
इस प्राइवेट फ्लाइट में कुल 6 लोग सवार बताए जा रहे हैं। हादसे में सभी की मौत हो गई। मृतकों में—
• उप मुख्यमंत्री अजीत पवार
• दो पायलट (फ्लाइट कमांडर और फर्स्ट ऑफिसर)
• उनके दो निजी सहायक (PA)
• एक एनसीपी कार्यकर्ता शामिल हैं।
हादसे के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने बताया कि विमान बारामती एयरपोर्ट की संकरी एयरस्ट्रिप पर उतरने की कोशिश कर रहा था, इसी दौरान यह दुर्घटना हुई।
हादसे के बाद मौके पर मचा हड़कंप, राहत-बचाव शुरू
विमान क्रैश की खबर मिलते ही प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मौके पर तुरंत फायर ब्रिगेड, पुलिस और मेडिकल टीमें पहुंचीं। आग पर काबू पाने की कोशिश की गई, लेकिन विमान पूरी तरह जल चुका था।
घटनास्थल को सुरक्षा कारणों से सील कर दिया गया है और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
जांच के आदेश, तकनीकी कारणों की पड़ताल
विमान हादसे को लेकर जांच के आदेश दे दिए गए हैं। शुरुआती तौर पर लैंडिंग के दौरान रनवे की चौड़ाई, मौसम, तकनीकी खराबी या पायलटिंग एंगल जैसे कारणों पर जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि ब्लैक बॉक्स और अन्य रिकॉर्डिंग सिस्टम से हादसे की असली वजह सामने आएगी।
राजनीतिक जगत में शोक की लहर
अजीत पवार के निधन की खबर आते ही पूरे महाराष्ट्र की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई। एनसीपी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी आक्रोश व दुख देखा जा रहा है। पार्टी नेताओं के साथ-साथ कई बड़े राजनीतिक दलों ने भी इस हादसे पर गहरा दुख जताया है।
बारामती और आसपास के क्षेत्रों में समर्थकों की भीड़ जुटने लगी है।
