फर्जी ‘मुन्ना भाई’ का भंडाफोड़: झुंझुनूं के 3 डॉक्टर सहित 18 गिरफ्तार, RMC में फर्जी रजिस्ट्रेशन से कर रहे थे प्रैक्टिस

Fake MBBS Doctors Exposed फर्जी ‘मुन्ना भाई’ गैंग का भंडाफोड़: झुंझुनूं के 3 डॉक्टर समेत 18 गिरफ्तार, RMC रजिस्ट्रेशन घोटाला उजागर

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राजस्थान में स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जिसमें कथित ‘मुन्ना भाई’ डॉक्टरों का नेटवर्क पकड़ा गया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की कार्रवाई में झुंझुनूं जिले के 3 सहित कुल 18 डॉक्टर गिरफ्तार किए गए हैं, जो फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्रैक्टिस कर रहे थे।

🔍 क्या है पूरा मामला?


SOG की जांच में सामने आया कि कई लोगों ने विदेश से MBBS करने का दावा किया और फर्जी FMGE (Foreign Medical Graduate Examination) सर्टिफिकेट तैयार करवा लिए। इन नकली दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) में रजिस्ट्रेशन प्राप्त कर लिया।

इसके बाद ये आरोपी लंबे समय से मरीजों का इलाज कर रहे थे, जिससे लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती थी।

🚔 SOG की बड़ी कार्रवाई


• बुधवार को SOG टीम ने प्रदेश के 9 जिलों में एक साथ दबिश दी।

झुंझुनूं जिले में भी सुबह-सुबह छापेमारी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया:

• नरेंद्र सिंह (खतेहपुरा)
• प्रतीक चौधरी (रिजाणी)
• दयाराम गुर्जर (राजोता)

इन तीनों को उनके घर से हिरासत में लेकर जयपुर ले जाया गया, जहां बाद में औपचारिक गिरफ्तारी की गई।

🧑‍⚕️ RMC के अधिकारी भी लिप्त


इस पूरे फर्जीवाड़े में केवल नकली डॉक्टर ही नहीं, बल्कि सिस्टम के अंदर बैठे अधिकारी भी शामिल पाए गए।

SOG ने गिरफ्तार किया:


• तत्कालीन रजिस्ट्रार राजेश शर्मा
• नोडल अधिकारी अखिलेश माथुर

इन पर आरोप है कि इन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को मंजूरी दी।

⚠️ कैसे चलता था फर्जीवाड़ा?


इस गैंग का काम करने का तरीका बेहद सुनियोजित था:

• विदेश से MBBS करने का दावा

• फर्जी FMGE सर्टिफिकेट तैयार करवाना

• RMC में रजिस्ट्रेशन हासिल करना

• क्लिनिक/हॉस्पिटल में प्रैक्टिस शुरू करना

🏥 मरीजों की जान से खिलवाड़

यह मामला बेहद गंभीर है क्योंकि इन फर्जी डॉक्टरों द्वारा इलाज किए गए मरीजों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती थी। बिना सही डिग्री और प्रशिक्षण के इलाज करना कानूनन अपराध है।

📊 स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल


इस घटना ने राजस्थान की चिकित्सा व्यवस्था पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं:
• रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया इतनी कमजोर कैसे रही?
• फर्जी दस्तावेजों की जांच क्यों नहीं हुई?
• कितने और फर्जी डॉक्टर अब भी सक्रिय हैं?

🔎 आगे की जांच जारी


SOG अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है। साथ ही फर्जी सर्टिफिकेट बनाने वाले गिरोह की भी जांच की जा रही है।

संभावना है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

🧾 निष्कर्ष


फर्जी डॉक्टरों का यह मामला केवल धोखाधड़ी नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी के साथ सीधा खिलवाड़ है। SOG की इस कार्रवाई से एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, लेकिन अभी भी जांच जारी है।