Bank Holiday & Strike बैंक हड़ताल: 26 से 30 सितंबर तक लगातार 5 दिन प्रभावित रहेगा बैंकिंग कामकाज, सीकर में 200 शाखाएं रहेंगी बंद
सीकर। राष्ट्रीयकृत बैंकों और ग्रामीण बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर देशव्यापी हड़ताल पर रहेंगे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल प्रस्तावित है। इससे बैंकिंग सेवाओं पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है।
हड़ताल से पहले 26 सितंबर को महीने का चौथा शनिवार और 27 सितंबर को रविवार होने के कारण बैंक शाखाओं में नियमित कामकाज नहीं होगा। ऐसे में 26 सितंबर से 30 सितंबर तक लगातार पांच दिनों तक बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी।
सीकर जिले में करीब 200 बैंक शाखाएं रहेंगी बंद
हड़ताल के दौरान सीकर जिले की करीब 200 बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। बैंक कर्मचारी संगठनों के अनुसार जिले में करीब 1500 बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल में शामिल होंगे।
लगातार पांच दिनों तक बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित रहने से नकद निकासी, जमा, चेक से जुड़े काम, बैंक ड्राफ्ट, ऋण संबंधी कार्य और अन्य शाखा-आधारित बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
हालांकि डिजिटल बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम जैसी कुछ सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रह सकती हैं। इन सेवाओं की उपलब्धता संबंधित बैंक की व्यवस्था पर निर्भर करेगी।
3500 करोड़ रुपये के लेनदेन पर पड़ सकता है असर
बैंक यूनियन से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार हड़ताल के कारण सीकर जिले में करीब 3500 करोड़ रुपये का बैंकिंग लेनदेन प्रभावित होने का अनुमान है। लगातार अवकाश और हड़ताल के कारण बैंक शाखाओं में लंबित रहने वाले कार्यों का दबाव हड़ताल समाप्त होने के बाद बढ़ सकता है।
व्यापारियों, कारोबारियों, सरकारी एवं निजी संस्थानों तथा आम बैंक ग्राहकों को शाखा से जुड़े जरूरी काम पहले ही निपटाने की सलाह दी जा रही है।
बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
बैंक कर्मचारी संगठन लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। प्रस्तावित हड़ताल में प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंक कार्य सप्ताह लागू करना शामिल है।
इसके अलावा कर्मचारी संगठन पीएलआई (Performance Linked Incentive) योजना को वापस लेने और इसे अधिक व्यावहारिक बनाने की मांग कर रहे हैं।
बैंक यूनियनों की ओर से कर्मचारियों एवं अधिकारियों से जुड़े अन्य सेवा मामलों को लेकर भी मांगें उठाई जा रही हैं। यूनियनों का कहना है कि उनकी मांगों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिए जाने के कारण राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया गया है।
ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
लगातार पांच दिनों तक बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने की संभावना को देखते हुए बैंक ग्राहकों को जरूरी लेनदेन समय रहते पूरा कर लेना चाहिए। जिन ग्राहकों को चेक जमा करने, नकद निकासी, बैंक ड्राफ्ट, ऋण संबंधी दस्तावेज जमा करने या शाखा में किसी अन्य जरूरी कार्य के लिए जाना है, वे 26 सितंबर से पहले अपना काम निपटा सकते हैं।
ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल करने वाले ग्राहक नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई जैसी डिजिटल सेवाओं का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि बड़े या जरूरी लेनदेन के लिए संबंधित बैंक की सुविधा और नियमों की पहले जांच करना उचित रहेगा।
लगातार पांच दिन क्यों प्रभावित रहेगा बैंकिंग कामकाज?
बैंकिंग कामकाज प्रभावित होने का कारण केवल तीन दिन की हड़ताल नहीं है। 26 सितंबर को चौथा शनिवार और 27 सितंबर को रविवार होने के कारण पहले से ही बैंक शाखाओं में नियमित अवकाश रहेगा। इसके बाद 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल प्रस्तावित है।
इस तरह शनिवार और रविवार के साप्ताहिक अवकाश के साथ तीन दिन की हड़ताल जुड़ने से बैंक शाखाओं का नियमित कामकाज लगातार पांच दिनों तक प्रभावित रहेगा।
तारीखों पर एक नजर
– 26 सितंबर: चौथा शनिवार—बैंक अवकाश
– 27 सितंबर: रविवार—साप्ताहिक अवकाश
– 28 सितंबर: राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल
– 29 सितंबर: राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल
– 30 सितंबर: राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल
नोट: हड़ताल में भागीदारी और बैंकिंग सेवाओं पर वास्तविक प्रभाव बैंक, यूनियन और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। ग्राहक जरूरी काम के लिए अपने संबंधित बैंक की आधिकारिक सूचना भी देख लें।
