Nikay Chunav झुंझुनूं में कौन बनेगा सभापति? आज होगा फैसला, अब्दुल्ला अगवान और मनु धनखड़ आमने-सामने

झुंझुनूं में कौन बनेगा सभापति? आज होगा फैसला, अब्दुल्ला अगवान और मनु धनखड़ आमने-सामने

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झुंझुनूं। झुंझुनूं जिले की नगर निकाय चुनाव प्रक्रिया अब अपने सबसे अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। जिले के 19 शहरी निकायों में से खेतड़ी को छोड़कर नगर परिषद झुंझुनूं के सभापति और 17 नगरपालिकाओं के अध्यक्ष पद के लिए सोमवार को मतदान होगा। मतदान सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक कराया जाएगा। इसके बाद मतदान समाप्त होते ही मतगणना शुरू होगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे।

झुंझुनूं नगर परिषद के सभापति पद पर इस बार सीधा मुकाबला कांग्रेस के अब्दुल्ला गुलाम नबी अगवान और भाजपा के मनु धनखड़ के बीच है। दोनों प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल कर चुनावी मैदान में अपनी दावेदारी पेश की है। अब सभापति की कुर्सी का फैसला नगर परिषद के निर्वाचित पार्षदों के मतदान से होगा।

60 वार्डों का गणित, बहुमत के लिए 31 वोट जरूरी

झुंझुनूं नगर परिषद में कुल 60 वार्ड हैं। चुनाव परिणाम में कांग्रेस के 30 पार्षद निर्वाचित हुए हैं, जबकि भाजपा के 15 और निर्दलीय पार्षदों की संख्या भी 15 है। सभापति चुनने के लिए 31 मतों की जरूरत होगी। यानी कांग्रेस अपने 30 पार्षदों के साथ बहुमत से केवल एक वोट दूर है।

यही एक वोट का गणित सभापति चुनाव को दिलचस्प बना रहा है। कांग्रेस के लिए अपने सभी 30 पार्षदों को साथ रखना और कम से कम एक अतिरिक्त वोट हासिल करना महत्वपूर्ण होगा। दूसरी ओर भाजपा के पास 15 पार्षद हैं और उसे जीत के लिए कांग्रेस के मुकाबले काफी अधिक अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा।

निर्दलीय पार्षदों पर भी नजर

नगर परिषद के चुनाव परिणाम में 15 निर्दलीय पार्षद जीतकर आए हैं। ऐसे में अध्यक्षीय चुनाव में इन पार्षदों की भूमिका पर भी नजर रहेगी। हालांकि मतदान गुप्त प्रक्रिया से होगा, इसलिए अंतिम परिणाम सामने आने तक यह निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता कि किस उम्मीदवार को कितने वोट मिले।

यही वजह है कि पार्षदों की संख्या के आधार पर किसी उम्मीदवार की जीत को पहले से तय मानना उचित नहीं होगा। सभापति पद का वास्तविक फैसला सोमवार को मतदान और मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा।

अब्दुल्ला अगवान के नामांकन पर भी हुआ था विवाद

कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुल्ला अगवान के नामांकन को लेकर भी चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल देखने को मिली थी। उनके नामांकन पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी, जिसमें उनके भाई के नगर परिषद से जुड़े ठेकों का हवाला दिया गया था। रिटर्निंग अधिकारी रामकरण सिंह के समक्ष जवाब और सुनवाई के बाद आपत्ति खारिज कर दी गई और अब्दुल्ला अगवान का नामांकन चुनाव मैदान में कायम रहा।

भाजपा ने मनु धनखड़ को उतारकर मुकाबला बनाया रोचक

भाजपा ने सभापति पद के लिए मनु धनखड़ को प्रत्याशी बनाया है। भाजपा के पास 15 पार्षद होने के बावजूद पार्टी ने चुनाव में अपनी दावेदारी पेश की है। इसके बाद झुंझुनूं नगर परिषद में कांग्रेस और भाजपा के बीच सभापति पद का सीधा मुकाबला बन गया है।

एग्जिट पोल में कांग्रेस को बढ़त का दावा, लेकिन नतीजा मतदान से होगा

चुनाव को लेकर कुछ एग्जिट पोल/स्थानीय राजनीतिक आकलनों में कांग्रेस को 42 और भाजपा को 18 वोट मिलने का दावा किया जा रहा है। हालांकि यह आंकड़ा आधिकारिक परिणाम नहीं है और इसे केवल अनुमान/एग्जिट पोल के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

वास्तविक मतदान में पार्षद किसे वोट देते हैं, यह आधिकारिक रूप से मतगणना के बाद ही सामने आएगा। इसलिए एग्जिट पोल के आंकड़ों को सभापति चुनाव का अंतिम परिणाम नहीं माना जा सकता।

10 से 2 बजे तक मतदान, इसके बाद आएगा परिणाम

सोमवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक सभापति पद के लिए मतदान होगा। मतदान पूरा होने के बाद मतगणना की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद विजयी प्रत्याशी की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।

झुंझुनूं नगर परिषद में 30 कांग्रेस, 15 भाजपा और 15 निर्दलीय पार्षदों के बीच होने वाला यह मतदान स्थानीय राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण है। बहुमत के लिए 31 मत जरूरी होने के कारण एक-एक वोट का महत्व बढ़ गया है।

अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मतदान के बाद सभापति पद पर अब्दुल्ला अगवान या मनु धनखड़ में से किसके पक्ष में बहुमत बनता है। इसका आधिकारिक फैसला सोमवार को मतगणना के बाद ही होगा।