सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ का बड़ा खुलासा, जन्म प्रमाण पत्र में फर्जी सिग्नेचर से मचा हड़कंप

सरकारी दस्तावेजों में छेड़छाड़ का बड़ा खेला, झुंझुनूं में फर्जीवाड़े की परतें खुलीं

WhatsApp Group Join Now
Telegram Join Join Now

झुंझुनूं। जिले में सरकारी दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ का एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जन्म प्रमाण पत्र से जुड़े दस्तावेजों में फर्जी हस्ताक्षर किए जाने का खुलासा होने के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

प्रारंभिक जांच में नायब तहसीलदार अभिषेक मीणा के नकली हस्ताक्षर सामने आए हैं, वहीं एसपी कार्यालय के अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी मिसबाहुद्दीन फारुकी के नाम से जारी दस्तावेजों में भी डुप्लीकेट सिग्नेचर पाए गए हैं।

तहसील कार्यालय में पकड़ में आया मामला

यह मामला उस समय उजागर हुआ जब तहसील कार्यालय में प्रस्तुत एक दस्तावेज की नियमित जांच के दौरान अधिकारियों को हस्ताक्षरों पर संदेह हुआ। दस्तावेजों का मिलान करने पर यह साफ हुआ कि संबंधित हस्ताक्षर वास्तविक न होकर कूटरचित हैं। इसके बाद पूरे प्रकरण की गहन जांच शुरू की गई।

स्टाम्प वेंडर हिरासत में, ई-मित्र संचालक पर भी शक


जांच के दौरान पुलिस ने एक स्टाम्प वेंडर को शांतिभंग के आरोप में हिरासत में लिया है। पूछताछ में यह संकेत मिले हैं कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने के इस खेल में ई-मित्र संचालक और स्टाम्प वेंडर की मिलीभगत हो सकती है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।

जिले में बड़े फर्जीवाड़े की आशंका


सूत्रों के अनुसार यह मामला सिर्फ जन्म प्रमाण पत्र तक सीमित नहीं हो सकता। आशंका जताई जा रही है कि इसी तरीके से जिले में अन्य सरकारी दस्तावेजों—जैसे जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र आदि—में भी कूटरचना कर उनका दुरुपयोग किया गया हो। यदि जांच का दायरा बढ़ता है तो जिले में बड़े स्तर पर फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का खुलासा हो सकता है।

प्रशासन सख्त, दोषियों पर होगी कार्रवाई

प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है और संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ जारी है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी दस्तावेजों की विश्वसनीयता से जुड़ा

यह मामला न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि आम लोगों के लिए भी गंभीर चेतावनी है। आने वाले दिनों में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, इस बड़े फर्जीवाड़े की और परतें खुलने की संभावना