हाईवे सुविधाओं की अनदेखी: BJP विधायक राजेन्द्र भांबू की कंपनी पर RTO ने 25 लाख का जुर्माना

भाजपा विधायक की कंपनी पर 25 लाख का जुर्माना, हाईवे सुविधाओं की भारी अनदेखी उजागर

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राजस्थान की भजनलाल सरकार में पहली बार एक आरटीओ इंस्पेक्टर की सख्त कार्रवाई ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। शनिवार को बीजेपी विधायक राजेन्द्र सिंह भांबू की कंपनी RSB इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड पर 25 लाख रुपए का चालान काटा गया। यह कंपनी राजगढ़ से भालेरी (स्टेट हाईवे-06) तक करीब 133 किलोमीटर लंबे हाईवे के रखरखाव और टोल कलेक्शन का जिम्मा संभाल रही है।


क्यों कटा 25 लाख का चालान?


आरटीओ इंस्पेक्टर रॉबिन सिंह के नेतृत्व में डीटीओ चूरू की टीम ने जब हाईवे का निरीक्षण किया, तो कई गंभीर खामियां सामने आईं। नियमों के अनुसार हाईवे पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई थीं।

निरीक्षण के दौरान सामने आई प्रमुख कमियां-


• हाईवे पर सांकेतिक बोर्ड (साइनेज) का अभाव

• नाइट रिफ्लेक्टर नहीं लगे

• चौराहों और तिराहों पर वॉर्निंग साइन नहीं

• इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित नहीं

• टोल बूथ पर इमरजेंसी एम्बुलेंस मौजूद नहीं

• दुर्घटना की स्थिति में रास्ता खुलवाने के लिए हाइड्रा क्रेन नहीं

•हाईवे पेट्रोलिंग वाहन की व्यवस्था नहीं

25 पॉइंट्स पर 1-1 लाख का जुर्माना

मामला स्टेट हाईवे 06 राजगढ़-डूंगरगढ़ (लंबाई 133KM) का है। चूरू डीटीओ नरेश कुमार के निर्देश पर आरटीओ इंस्पेक्टर रॉबिन सिंह की टीम ने जब इंस्पेक्शन किया तो उन्हें इस हाईवे पर सांकेतिक बोर्ड (साइनेज), नाइट रिफ्लेक्टर, हाईवे पर बने अलग-अलग जंक्शन (चौराहों, तिराहों पर) वॉर्निंग साइन, इमरजेंसी नंबर समेत अन्य सुविधाएं नहीं दिखीं। इसके अलावा, टोल बूथ पर न तो इमरजेंसी एम्बुलेंस थी और न ही हादसा होने पर हाईवे पर ट्रेफिक खुलवाने के लिए हाइड्रा क्रेन और हाईवे पेट्रोलिंग मिली।

इस पर डीटीओ चूरू की टीम ने 25 अलग-अलग पॉइंट्स पर रिपोर्ट तैयार करके हर पोइंट पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाते हुए कुल 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया।

अब तक नोडल एजेंसियां करती थीं कार्रवाई

यह मामला इसलिए भी खास है क्योंकि आमतौर पर ऐसी कार्रवाई NHAI, PWD, RSRDC या RIDCOR जैसी नोडल एजेंसियां करती हैं। जिस एजेंसी के जरिए हाईवे का निर्माण या रखरखाव होता है, वही फर्म पर जुर्माना लगाती है।

लेकिन इस बार सीधे आरटीओ विभाग द्वारा की गई कार्रवाई को प्रशासनिक स्तर पर एक नज़ीर (उदाहरण) माना जा रहा है।

आरटीओ इंस्पेक्टर का बयान


इंस्पेक्टर रॉबिन सिंह ने बताया कि नियमों के तहत हाईवे पर सभी जरूरी सुविधाएं विकसित करना कॉन्ट्रैक्टर की जिम्मेदारी होती है। इससे ड्राइवर को दिन-रात और हर परिस्थिति में सुरक्षित सफर के लिए सही जानकारी मिलती है। सुविधाओं की कमी सीधे यात्रियों की जान को खतरे में डालती है।