National Food Security Scheme | khadya suraksha yojana | NFSA |
राजस्थान के झुंझुनूं जिले में खाद्य सुरक्षा योजना से 3 हेक्टेयर से ज्यादा भूमि वाले किसानों को बाहर किया जा रहा है। ऐसे 1.18 लाख किसानों को अब अपनी जमीन का सत्यापन कराना अनिवार्य है—अगर उनके पास तय सीमा से ज्यादा भूमि पाई गई, तो खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
योजना का उद्देश्य और प्रक्रिया
राज्य सरकार ने खाद्य सुरक्षा में अपात्र लाभार्थियों को हटाने के लिए प्रदेश के सभी जिला रसद अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। खासतौर पर झुंझुनूं समेत कुछ जिलों में 3 हेक्टेयर जमीन की सीमा तय की गई है, जबकि कुछ अन्य जिलों में सीमा अधिक (7 या 10 हेक्टेयर) है।
जिले में आए सत्यापन हेतु किसानों की सूची राशन डीलरों को भेजी जा रही है, जिसे दुकानों के बाहर भी चस्पा किया जाएगा। सूची में नामित किसान को स्वयं पटवारी के पास जाकर अपनी जमीन का रिकॉर्ड मिलाना और निर्धारित प्रपत्र भरकर राशन डीलर को देना होगा। डीलर भरे हुए प्रपत्र रसद विभाग को भेजेगा, जिसके बाद अपात्र किसान का नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटा दिया जाएगा या लाभ रोक दिया जाएगा।
जिलेवार सीमा की जानकारी
• जैसलमेर, बाड़मेर: 10 हेक्टेयर
• बीकानेर, नागौर, जालोर, पाली, चूरू, जोधपुर: 7 हेक्टेयर
• झुंझुनूं, अजमेर, डूंगरपुर, उदयपुर, बांसवाड़ा: 3 हेक्टेयर
• अन्य जिले: 2 हेक्टेयर
सत्यापन नहीं कराने पर कार्रवाई
अगर संदिग्ध किसानों ने सत्यापन नहीं कराया या निर्धारित प्रपत्र नहीं दिया, तो उन्हें मिलने वाला राशन तुरंत रोक दिया जाएगा। इस पूरे सत्यापन और कार्रवाई की निगरानी उपखंड अधिकारियों को सौंपी गई है।
प्रमुख आंकड़े
• राज्य स्तर पर 63.85 लाख किसानों के जमीन रिकॉर्ड की जांच की गई।
• जांच के बाद 1.32 लाख किसानों के पास तय सीमा से अधिक जमीन मिली।
• राज्य सरकार ने लाखों अपात्र लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा से बाहर किया है ताकि असली जरूरतमंदों को ही योजना का लाभ मिले।
पटवारी से निर्धारित प्रपत्र में रिकार्ड लाकर राशन डीलर को देना होगा
राज्य सरकार ने पहली बार पीएम किसान सम्मान निधि लेने वाले किसानों के नाम दर्ज जमीन का रिकार्ड लिया है। इसमें खाद्य सुरक्षा में शामिल लघु किसानों के पास जमीन का सत्यापन किया जा रहा है। इसमें राज्य सरकार ने जिलावार जमीन की सीमा तय की है। जिसमें जिले में 3 हेक्टेयर या उससे ज्यादा जमीन वाले किसान को योजना से बाहर किया जाएगा।
झुंझुनूं जिले में 1.18 लाख किसानों को संदिग्ध श्रेणी में रखकर सत्यापन कराया जा रहा है। ज्यादा जमीन दर्ज होने पर किसान एनएफएसए के पात्र नहीं माने जाएंगे। जिले में रसद विभाग ने राज्य सत्यापित कराकर लाना होगा। राशन डीलर भरे हुए प्रपत्र को रसद विभाग को भिजवाएगा। इसके बाद ज्यादा जमीन वाले लघु किसानों के खाद्य सुरक्षा सूची में नाम रखने को लेकर निर्णय लिया जाएगा। संदिग्ध किसान के प्रपत्र नहीं देने पर उनको मिलने वाला राशन रोक दिया जाएगा।
