हमेशा से शौर्यता के रूप में अपनी पहचान रखने वाला झुंझुनूं जिला आज 15 अगस्त 2021 को स्वतंत्रता दिवस मनाने के साथ-साथ एक खास उत्सव मना रहा है। आज का दिन झुंझुनूं (Jhunjhunu) के पोषाणा गांव के लिए गौरवशाली दिन है. 1945 के द्वितीय विश्व युद्ध, 1962 के भारत—चीन युद्ध (India-China War) और 1967 और 2009 के पांच शहीदों की मूर्तियां एक साथ एक जगह पर अनावरण हो गया।
झुंझुनूं (Jhunjhunu) के पोषाणा गांव में ये पांच शहीदों की मूर्तियां एक साथ लगाई गई हैं, जो देश में शायद ही कहीं हों। शहीदों के स्मारक अब तक केवल एक शहीद का एक जगह ही बनता था, लेकिन ये पांच शहीद प्रतिमाएं एक साथ एक जगह पर स्थापित की गई हैं।
गुढ़ागौडज़ी से पांच किलोमीटर दूर स्टेट हाईवे 37 पर स्थित पोषाणा गांव (Posana Village) के युवाओं में देश भक्ति का अलग ही जज्बा देखा जा सकता है। गांव में घुसते ही सबसे पहले बस स्टैंड पर देश पर जान कुर्बान करने वाले एक साथ पांच शहीदों की प्रतिमाएं लगी हैं। 75वें स्वतंत्रता दिवस पर रविवार को एक छत के नीचे गांव के पांच शहीदों की शहादत को याद किया गया। इनमें से दो जवानों के शहीद होने के 76 साल बाद गांव में उनकी प्रतिमाओं का अनावरण किया गया।
गांव के लिए यह पल स्वतंत्रता दिवस के साथ-साथ पांचों शहीदों को याद करने का भी था। इस पल शहीदों के परिवार के सदस्यों के साथ पूरे गांव की आंखें नम थीं। वे गांव के लाड़लों और देश के सपूतों की प्रतिमाओं के आगे नतमस्तक थे। प्रतिमाओं के अनावरण का गांव में ऐतिहासिक कार्यक्रम हुआ। दो जवान दूसरे विश्व युद्ध में शहीद हुए थे। गांव के अब तक हुए पांचों शहीदों काे याद करने के लिए गांव वालों ने यह शहीद स्मारक रूपी स्थान बना दिया है। यह स्थान गांव के लोगों को, युवाओं को हमेशा देश के प्रति समपर्ण की प्रेरणा देता रहेगा।
अनावरण कार्यक्रम के दौरान सैनिक कल्याण समिति के पूर्व अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजोर ,उदयपुरवाटी झुंझुनू सांसद नरेंद्र खीचड़ पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी उदयपुरवाटी प्रधान माया गुर्जर सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
सेना ने निकाला मार्च, गांव के लोग भी उमड़े
स्वतंत्रता दिवस पर हुए इस आयोजन में सेना ने मार्च निकाला। सभी के हाथ में तिरंगा था। इसमें बड़ी संख्या में गांव के लोग भी बाइक व अन्य वाहनों पर साथ थे। सभी भारत माता की जय और शहदों के लिए जयकारे लगा रहे थे। अमर बलिदानियों को याद कर रहे थे। बाद में शहीदों की प्रतिमाओं का अनावरण कार्यक्रम में सभी शहीदों को पुष्पचक्र समर्पित किए गए। शहीदों के परिवारों को भी यहां आमंत्रित किया गया और उन्हें सम्मानित किया गया। इस दौरान सभी की आंखें नम हो गई थीं।
राजस्थान का बन गया पहला गांव
यह राजस्थान (Rajasthan) का ही पहला गांव है, जहां एक साथ स्वतंत्रता दिवस (Independence Day) पर पांच शहीदों की प्रतिमाओं का अनावरण हुआ। द्वितीय विश्व युद्ध (Second World War) से लेकर अब तक गांव के पांच जवान देश की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में फिलहाल 57 पेंशनधारी सैनिक हैं तथा 30 से अधिक सैनिक वर्तमान में सीमा पर सेवा दे रहे है। इन्होंने बताया कि इन्होंने राजस्थान में पहला ऐसा मामला देखा है जहां पर एक साथ पांच शहीद प्रतिमाओं (Martyr Statues) का अनावरण हुआ।