राजस्थान पुलिस ने जयपुर में 2 ई-मित्र से 20 यूनिवर्सिटी की 700 से ज्यादा मार्कशीट और डिग्रियां जब्त की गई हैं।
पुलिस ने डिग्रियों के साथ 3 लोगों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार ये डिग्रियां बड़ी-बड़ी यूनिवर्सिटी की हैं। संदिग्ध अंकतालिका और डिग्री के फर्जी होने के शक में पुलिस ने तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।
अब इस पूरे मामले की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया है। जो संबंधित विश्वविद्यालयों का रिकॉर्ड खंगालकर मामले की तह तक जाएगी।
उन्होंने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में संदिग्ध डिग्री, अंकतालिका और माइग्रेशन सर्टिफिकेट को लेकर कोई संतोषप्रद जवाब नहीं मिलने पर बिहार के अनिशाबाद हाल किराएदार सेक्टर-8, प्रताप नगर निवासी विकास मिश्रा, वाटिका (सांगानेर) निवासी सत्यनारायण शर्मा और बहरोड़ निवासी विकास मिश्रा को गिरफ्तार किया गया है. जिनसे गहनता से पूछताछ और अनुसंधान जारी है।
चेक बुक, क्रेडिट और डेबिट कार्ड भी मिले
तेजस्वनी गौतम ने बताया- बुधवार शाम 7 बजे पहली कार्रवाई प्रताप नगर में सेक्टर 8 स्थित यूनिक एजुकेशन कंसल्टेंट में की गई। यहां पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विकास मिश्रा को गिरफ्तार किया। यहां से पुलिस को 18 यूनिवर्सिटी के दस्तावेज मिले।
आरोपियों के ठिकानों से 29 फर्जी किरायानामा, 12 चेकबुक, 97 शपथ पत्र, 14 बैंक पास बुक, 13 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग के 9 आईडी कार्ड, 7 मोबाइल, एक पेटीएम मशीन, दो डीवीआर, एक पावर सप्लाई केस, एक कैमरा (डिजिटल जूम मेगा पिक्सल), एक राउटर, एक-एक सीपीयू व मॉनिटर, दो लैपटॉप, दो पैन ड्राइव और एक प्रिंटर भी जब्त किया गया है।
