Highway झुंझुनूं से फतेहपुर तक NH-11 होगा फोरलेन, डीपीआर का काम शुरू
राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र के लिए बड़ी खबर सामने आई है। झुंझुनूं से फतेहपुर तक नेशनल हाईवे-11 (NH-11) को अब फोरलेन बनाया जाएगा। इसके लिए डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने का काम शुरू हो चुका है।
सरकार की योजना के अनुसार दिसंबर 2026 तक डीपीआर तैयार कर ली जाएगी, जिसके बाद अगले साल से निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।
51 किलोमीटर का सफर होगा आसान
झुंझुनूं से फतेहपुर तक कुल दूरी लगभग 51 किलोमीटर है।
• इसमें से करीब 26–26.5 किमी बाइपास पहले से फोरलेन है
• जबकि बाकी सड़क अभी टू-लेन है
अब पूरे मार्ग को फोरलेन में बदलने का निर्णय लिया गया है, जिससे यातायात सुगम और सुरक्षित होगा।
पहले क्यों था टू-लेन?
NH-11 के अन्य हिस्सों पर पहले से फोरलेन का काम हो चुका है:
• रेवाड़ी से पचेरी तक हाईवे फोरलेन है
• पचेरी से झुंझुनूं तक भी फोरलेन निर्माण जारी है
ऐसे में झुंझुनूं से फतेहपुर तक का हिस्सा टू-लेन होने पर सवाल उठ रहे थे। अब इस गैप को खत्म करने के लिए इसे भी फोरलेन किया जाएगा।
256 करोड़ से बने बाइपास
झुंझुनूं-मंडावा क्षेत्र में बने बाइपास पर पहले ही:
• करीब 256 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं
• ये बाइपास पहले से फोरलेन हैं
अब शेष मार्ग को भी अपग्रेड किया जाएगा।
संसद में हुई घोषणा
इस परियोजना को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि:
• पचेरी से झुंझुनूं का काम दिसंबर तक शुरू होगा
• झुंझुनूं से फतेहपुर तक फोरलेन के लिए डीपीआर प्रक्रिया जारी है
• 2026 के अंत तक डीपीआर पूरी होगी
इसके बाद अगले साल निर्माण शुरू किया जाएगा
कहां से कहां तक जाता है NH-11?
यह हाईवे एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी रूट है:
• शुरुआत: रेवाड़ी (NH-48, दिल्ली-जयपुर हाईवे)
• रूट: रेवाड़ी → नारनौल → पचेरी → झुंझुनूं → मंडावा → फतेहपुर
कुल लंबाई: लगभग 215 किमी
आगे यह बीकानेर और जैसलमेर जाने वाले मार्ग से जुड़ता है
क्षेत्र को क्या होगा फायदा?
इस प्रोजेक्ट से शेखावाटी क्षेत्र को कई बड़े फायदे मिलेंगे:
✔ यात्रा समय में कमी
✔ सड़क दुर्घटनाओं में कमी
✔ व्यापार और परिवहन को बढ़ावा
✔ पर्यटन (मंडावा, फतेहपुर) को फायदा
निष्कर्ष
झुंझुनूं से फतेहपुर तक NH-11 का फोरलेन होना क्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। लंबे समय से उठ रही मांग अब पूरी होती दिख रही है। डीपीआर के बाद निर्माण कार्य शुरू होने से आने वाले वर्षों में यह मार्ग पूरी तरह आधुनिक बन जाएगा।
