नगरपालिका चुनाव में एक परिवार के तीन सदस्य जीते, पति-पत्नी भी बने पार्षद; पत्नी चौथी बार बनीं पार्षद
खेतड़ी। नगरपालिका चुनाव के नतीजे इस बार कई मायनों में चर्चा में रहे। चुनाव परिणाम में पारिवारिक सियासत की तस्वीर भी देखने को मिली। खेतड़ी नगरपालिका में एक ही परिवार के तीन सदस्य देवर, भाभी और सास ने चुनाव जीतकर पार्षद पद हासिल किया। वहीं, पति-पत्नी की जोड़ी ने भी अलग-अलग वार्डों से चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पकड़ कायम रखी। मतगणना के बाद सामने आए नतीजों में निर्दलीय प्रत्याशियों का दबदबा देखने को मिला।
कुल 25 वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने 13 वार्डों में जीत दर्ज की। वहीं भाजपा के खाते में 8 और कांग्रेस को 4 वार्डों में जीत मिली। नतीजों के बाद नगर पालिका की राजनीति में निर्दलीयों की भूमिका अहम हो गई है।
एक ही परिवार के तीन सदस्य बने पार्षद
खेतड़ी नगरपालिका चुनाव में पूर्व चेयरमैन उमराव सिंह के परिवार से तीन सदस्य चुनाव जीतने में सफल रहे। वार्ड 12 से उनके बेटे पारस वर्मा ने 18 वोटों से जीत दर्ज की।
वहीं, वार्ड 13 से उनकी पुत्रवधू किरण बाला ने 37 वोटों से चुनाव जीता। इसी परिवार से वार्ड 15 में पुष्पा ने भी 37 वोटों से जीत हासिल की।
इस तरह एक ही परिवार से मां, बेटा और पुत्रवधू नगरपालिका में पार्षद चुने गए हैं। चुनाव परिणाम सामने आने के बाद परिवार और समर्थकों में खुशी का माहौल है।
पति-पत्नी ने भी अलग-अलग वार्ड से जीता चुनाव
खेतड़ी नगरपालिका चुनाव में पति-पत्नी की जोड़ी ने भी अलग-अलग वार्डों से जीत दर्ज की। वार्ड 3 से बुलाराम ने 55 वोटों से चुनाव जीता।
वहीं, उनकी पत्नी सुमित्रा ने वार्ड 24 से 77 वोटों से जीत हासिल की। दोनों के चुनाव जीतने के बाद उनके समर्थकों में उत्साह का माहौल है।
सुमित्रा चौथी बार बनीं पार्षद
वार्ड 24 से चुनाव जीतने वाली सुमित्रा के लिए यह जीत खास रही। वह चौथी बार पार्षद चुनी गई हैं। लगातार चुनाव जीतकर उन्होंने नगरपालिका की राजनीति में अपनी मौजूदगी कायम रखी है।
खेतड़ी नगरपालिका के इन परिणामों में एक तरफ जहां एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जीत चर्चा का विषय बनी है, वहीं दूसरी ओर पति-पत्नी के अलग-अलग वार्डों से निर्वाचित होने ने भी लोगों का ध्यान खींचा है।
कांग्रेस बड़ी पार्टी बनकर उभरी, बीजेपी को कई शहरों में झटका
झुंझुनूं जिले की एक नगर परिषद समेत 19 नगर निकायों के चुनाव परिणाम ने स्थानीय राजनीति की नई तस्वीर सामने रख दी है।
चुनाव परिणामों में सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश यह रहा कि कांग्रेस ने भाजपा से ज्यादा सीटें हासिल कीं। लेकिन दोनों दलों से भी ज्यादा सीटों पर निर्दलीयों ने कब्जा जमाया। कुल 555 वार्डों में कांग्रेस के 194, भाजपा के 157, निर्दलीयों के 203 और सीपीआईएम का एक पार्षद निर्वाचित हुआ। इस तरह निकाय चुनाव में निर्दलीय किंगमेकर बनकर उभरे हैं
