| थाने के बाहर प्रदर्शन करते लोग |
| थाने के सामने धरना देते पीड़ित पक्ष के लोग |
दुल्हन शोभिता का कहना है कि अभी भी पुलिस टालमटोल कर रही है। यदि सुनवाई नहीं हुई तो सुसाइड कर लूंगी। फिर करते रहना कानूनी कार्रवाई। धरने में गांव से कई लोग मौजूद रहे। थाने के बाहर धूप में बैठे लोगों का कहना है कि हक के लिए कानून की तरफ देखने का कोई फायदा नहीं है। इससे बढ़िया कानून तोड़ते तो कम से कम किसी की जिंदगी तो खराब नहीं होती।
| पीड़ित दुल्हन शोभिता |
धरने में उप जिला प्रमुख ताराचंद धायल, तारपुरा सरपंच संतरा भींचड़ समेत कई लोग शामिल है। उनका कहना है कि कानून गरीब लोगों के लिए नहीं है। कानून में बैठे लोग इनका मजाक बनवा रहे है। ये गलत है। जब पुलिस को कार्रवाई नहीं करनी थी तो मना कर देना चाहिए। पहले उनको भरोसे में लेकर बिठाए रखा। फिर शादी करवा दी।
वहीं झुंझुूनूं के गुढागौडजी थानाधिकारी देवीसिंह का कहना है कि हमें सीकर पुलिस ने नहीं बताया था कि कोई विवाद है। हमारे पास तो लड़की के पिता ने चौकी में बेटी की शादी में हंगामा होने की आशंका जताते हुए सुरक्षा मांगी थी। यदि हमें सीकर पुलिस ने जानकारी दी होती तो उन्हें सूचना देते।
जबकि दादिया थानाधिकारी सुभाष पूनिया का कहना है कि शादी रुकवाने के लिए जाकर आया था। एक एसआई को इसकी सूचना भी दी थी। हमारे आने के बाद शादी हो गई। मुकदमा हमारे थाने में दर्ज है। उसके मुताबिक कार्रवाई करेंगे। जबकि इससे पहले सुभाष पूनियां ने एसपी को कहा था कि शादी नहीं होने दी जाएगी।
| दूल्हा अजय जांगिड़ |
बता दें कि तारपुरा की रहने वाली शोभिता की शादी बुगाला के अजय उर्फ सोनू से होनी थी। वरमाला होने के बाद दहेज की मांग के बहाने से फेरों से पहले दूल्हा बारात के साथ लौट गया। इसके बाद शोभिता के भाई की कंचन से होने वाली शादी को निरस्त करते हुए अजय से कंचन का विवाह करा दिया।
| दुल्हन कंचन |