झुंझुनूं में 1.13 करोड़ का एटीएम कैश घोटाला, कैश लोड करने वाले दो कर्मचारी रकम लेकर फरार

ATM Cash SCAM झुंझुनूं में एटीएम कैश लोडिंग में 1.13 करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला, दो कर्मचारी कैश लेकर फरार

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झुंझुनूं। राजस्थान के झुंझुनूं जिले में एटीएम में कैश लोड करने वाली सीएमएस (CMS) कंपनी के दो कर्मचारियों द्वारा 1.13 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी का मामला सामने आया है। दोनों कर्मचारियों पर आरोप है कि उन्होंने विभिन्न बैंकों की चेस्ट ब्रांच से कैश प्राप्त किया, लेकिन उसे निर्धारित एटीएम में जमा नहीं कराया और रकम लेकर फरार हो गए। घटना के बाद से दोनों कर्मचारियों के मोबाइल फोन बंद हैं और पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।

ऑडिट में हुआ बड़ा खुलासा

जानकारी के अनुसार, सीएमएस कंपनी की जयपुर से आई ऑडिट टीम ने झुंझुनूं जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित एटीएम की जांच की। जांच के दौरान चिड़ावा, पिलानी, सुलताना और बगड़ क्षेत्र के कुल 28 एटीएम में से 9 एटीएम में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद कंपनी ने दोनों कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस में नामजद मामला दर्ज कराया।

कई बैंकों के एटीएम में कैश लोड करने की जिम्मेदारी


सीएमएस कंपनी के रीजनल मैनेजर विनोद यादव के अनुसार, कंपनी को एसबीआई, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, पीएनबी, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक के एटीएम में कैश लोड करने का कार्य सौंपा गया है। झुंझुनूं जिले में यह जिम्मेदारी सुजडोला निवासी सुमेर सिंह और संदीप सिंह को दी गई थी।

25 और 26 जून को की गई कथित हेराफेरी


प्राथमिक जांच में सामने आया है कि दोनों कर्मचारियों ने 25 और 26 जून को संबंधित चेस्ट ब्रांचों से करोड़ों रुपये का कैश लिया, लेकिन कई एटीएम में पूरी राशि नहीं डाली। कुछ एटीएम में केवल आंशिक रकम डाली गई ताकि मशीनें पूरी तरह खाली न हों और बैंक को तुरंत कैश खत्म होने का अलर्ट न मिले। वहीं तीन एटीएम में कैश डाला ही नहीं गया।

92 हजार रुपये भी नहीं किए जमा

जांच में यह भी सामने आया कि तीन एटीएम से ग्राहकों द्वारा नहीं निकाले गए लगभग 92 हजार रुपये भी बैंक में वापस जमा नहीं कराए गए। इस तरह कुल मिलाकर लगभग 1.13 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आई है।

कैश वैन ड्राइवर को सौंपकर हुए फरार

बताया जा रहा है कि 26 जून को दोनों कर्मचारी कैश वैन ड्राइवर को वाहन सौंपने के बाद फरार हो गए। जब लगातार दो दिनों तक कई एटीएम में कैश की कमी की शिकायतें मिलने लगीं तो कंपनी ने 29 जून को जांच शुरू की। जांच के दौरान कैश वैन चिड़ावा में ड्राइवर के घर के बाहर खड़ी मिली, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

पुलिस ने शुरू की जांच


सीएमएस कंपनी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार कर्मचारियों की तलाश की जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं है।

निष्कर्ष


झुंझुनूं जिले में एटीएम कैश लोडिंग से जुड़ा यह मामला बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। कंपनी की समय पर हुई ऑडिट से करोड़ों रुपये की इस कथित हेराफेरी का खुलासा हो गया। अब पुलिस की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।