जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के नियम बदले: 1 साल देरी पर SDM, 2 साल बाद कोर्ट से बनेगा प्रमाण पत्र

Birth-Death Certificate New Rules : 1 साल देरी पर SDM से, 2 साल से पुराने मामलों में कोर्ट की प्रक्रिया

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जयपुर/राजस्थान। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में देरी करने वालों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। जन्म-मृत्यु पंजीकरण को लेकर नए नियम लागू किए गए हैं। अब देरी से पंजीकरण कराने पर समय अवधि के अनुसार अलग-अलग प्रक्रिया से गुजरना होगा। वहीं दो साल से अधिक पुराने मामलों में प्रशासनिक स्तर पर सीधे प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा।

एक साल तक की देरी पर आसान प्रक्रिया

नए प्रावधानों के तहत जन्म या मृत्यु की घटना के एक साल के भीतर पंजीकरण कराना जरूरी होगा। यदि पंजीकरण में एक साल से अधिक की देरी होती है, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत सक्षम अधिकारी के समक्ष आवेदन करना होगा।

एक साल से अधिक लेकिन दो साल तक की देरी वाले मामलों में जिला मजिस्ट्रेट, SDM या अधिकृत कार्यपालक मजिस्ट्रेट द्वारा जांच और सत्यापन के बाद प्रमाण पत्र जारी किया जा सकेगा।

दो साल से पुराने मामलों में कोर्ट की प्रक्रिया

यदि जन्म या मृत्यु के पंजीकरण में दो साल से अधिक की देरी हो चुकी है, तो अब मामला केवल प्रशासनिक स्तर पर प्रमाण पत्र बनवाने से पूरा नहीं होगा। ऐसे मामलों में आवेदक को न्यायिक प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा और कोर्ट के आदेश के आधार पर प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

इससे लंबे समय से लंबित जन्म-मृत्यु पंजीकरण मामलों में प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक सख्त हो जाएगी।

फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक

नए नियमों का एक प्रमुख उद्देश्य जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र में गलत जन्मतिथि, फर्जी दस्तावेज और गलत जानकारी दर्ज कराने की शिकायतों पर रोक लगाना है। पुराने मामलों में न्यायिक प्रक्रिया और दस्तावेजों के सत्यापन से प्रमाण पत्र की विश्वसनीयता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

इसका असर बच्चों के स्कूल एडमिशन, पासपोर्ट, पेंशन, संपत्ति और अन्य सरकारी कामों में लगने वाले जन्म प्रमाण पत्र पर भी पड़ेगा।

नगर निकायों में भी लागू

राज्य सरकार और संबंधित विभाग के निर्देशों के तहत नगर परिषद एवं नगर निकायों में नए नियम लागू किए जाने की जानकारी दी गई है। निर्धारित अवधि से अधिक पुराने मामलों में बिना सक्षम मजिस्ट्रेट या न्यायालय के आदेश के लंबित आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

अधिकारियों के अनुसार, नागरिकों को जन्म और मृत्यु का पंजीकरण समय पर करवाना चाहिए, ताकि भविष्य में प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अतिरिक्त कानूनी प्रक्रिया का सामना न करना पड़े।

ध्यान रखें

• जन्म या मृत्यु का पंजीकरण समय पर करवाएं।

• देरी होने पर निर्धारित दस्तावेजों के साथ आवेदन करें।

• दो साल से अधिक पुराने मामलों में न्यायिक प्रक्रिया की आवश्यकता हो सकती है।

• गलत जानकारी या फर्जी दस्तावेज देने से बचें।

प्रमाण पत्र बनवाने से पहले संबंधित नगर निकाय/पंजीयन कार्यालय से नवीनतम प्रक्रिया की पुष्टि करें।