CNG पंप पर गैस रिसाव की मॉक ड्रिल, प्रशासन और इंडियन ऑयल ने परखी आपात तैयारियां
झुंझुनूं। शहर के चूरू बाइपास स्थित एक CNG पेट्रोल पंप पर सोमवार को गैस रिसाव की स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस ड्रिल का उद्देश्य किसी भी आपात स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच तालमेल, त्वरित प्रतिक्रिया और सुरक्षा व्यवस्थाओं की प्रभावशीलता को परखना था।
कंट्रोल रूम से मिली सूचना, तुरंत हरकत में आया प्रशासन
सुबह करीब 11 बजे पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि चूरू बाइपास स्थित सीएनजी पंप पर गैस रिसाव हो रहा है। सूचना मिलते ही इंडियन ऑयल की तकनीकी टीम, नगर परिषद की फायर ब्रिगेड, कोतवाली पुलिस, चिकित्सा विभाग सहित अन्य संबंधित टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं।
घायल कर्मचारी को अस्पताल पहुंचाने का अभ्यास
मॉक ड्रिल के दौरान यह परिदृश्य भी बनाया गया कि गैस रिसाव के कारण एक कर्मचारी घायल हो गया है। इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन, प्राथमिक उपचार और घायल को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया का अभ्यास किया गया। फायर ब्रिगेड ने गैस रिसाव पर नियंत्रण और क्षेत्र को सुरक्षित करने के उपायों का भी प्रदर्शन किया।
अधिकारियों की मौजूदगी में परखी गई तैयारियां
इस मॉक ड्रिल के दौरान इंडियन ऑयल बाकरा गैस प्लांट के सीनियर मैनेजर दुष्यंत, सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर, कोतवाल श्रवण कुमार सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए था अभ्यास
बाकरा गैस प्लांट के वरिष्ठ प्रबंधक दुष्यंत ने बताया कि यह मॉक ड्रिल सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा और आपात स्थिति में तुरंत व प्रभावी बचाव कार्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई। इससे भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना के दौरान नुकसान को न्यूनतम करने में मदद मिलेगी।
जनता की सुरक्षा सर्वोपरि
प्रशासन और संबंधित एजेंसियों ने स्पष्ट किया कि इस तरह की मॉक ड्रिल्स से आपदा प्रबंधन क्षमता मजबूत होती है और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
