Dennis Bawaria डेनिस बावरिया हत्याकांड में पांच बदमाश गिरफ्तार
झुंझुनूं कस्बे में हुए चर्चित हिस्ट्रीशीटर डेनिश बावरिया हत्याकांड प्रकरण में कोतवाली पुलिस ने बड़ी सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने मामले में वांछित पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
पांच टीमें गठित, 230 सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए
पुलिस अधीक्षक झुंझुनूं के निर्देश पर इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पांच विशेष पुलिस टीमें गठित की गई थीं। इन टीमों ने दिन-रात अथक प्रयास कर आरोपियों को पकड़ने की कार्रवाई की। मुल्ज़िमों की तलाश में पुलिस ने हिसार, चुरू, रामगढ़ सेठान, सीकर, दादिया, जयपुर और नोएडा जैसे कई स्थानों पर दबिश दी। जांच के दौरान करीब 230 सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए तथा तकनीकी सूचनाएं एकत्रित की गईं।
घटना का विवरण
दीपक मालसरिया और डेनिस उर्फ नरेश के बीच झगड़े व वाहन तोड़फोड़ की घटना हुई थी। इसी झगड़े का बदला लेने के लिए यह हत्या की गई बताई जा रही है। 19 अक्टूबर 2025 को डेनिस उर्फ नरेश और उसके साथी सचिन, दीपचंद उर्फ कालू, व राकेश, स्कॉर्पियो गाड़ी से चुडेला गांव अपनी पटाखा दुकान जा रहे थे। तभी चुरू बाईपास के पास प्रशांत उर्फ फोखर, दीपक मालसरिया, मंदीप उर्फ मदिया, कपिल मेघवाल, सुनील मेघवाल, हितेश मील, अजय जाट और अन्य 10–15 लोगों ने तीन कैंपर गाड़ियों में आकर हमला कर दिया।
हमलावरों ने स्कॉर्पियो को टक्कर मारकर लाठी-सरियों से हमला किया और फिर डेनिस को अगवा कर रसोडा गांव ले जाकर बुरी तरह पीटा। हमलावरों ने उसके सोने के आभूषण और पटाखों की बिक्री की 3 लाख रुपये नकद राशि भी लूट ली।
इलाज के दौरान 21 अक्टूबर 2025 को डेनिस उर्फ नरेश की मृत्यु हो गई। इसके बाद पुलिस ने केस में हत्या की धारा जोड़कर जांच शुरू की।
जांच और कार्रवाई का खुलासा
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक झुंझुनूं ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और जांच तेज करने के निर्देश दिए। वृत्ताधिकारी झुंझुनूं शहर और थानाधिकारी कोतवाली के नेतृत्व में पुलिस टीमों को विभिन्न संभावित ठिकानों पर रवाना किया गया।
कड़ी मेहनत के बाद कपिल कस्वां (बादशाहपुर, हरियाणा), राहुल उर्फ राज (रामगढ़ सेठान), ताराचंद, पंकज और अजय उर्फ अज्जु (सीकर) को गिरफ्तार किया गया।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि मंदीप उर्फ मदिया और दीपक मालसरिया देरवाला की पहाड़ी में छिपे हो सकते हैं। पुलिस टीम जब देरवाला पहुंची तो रात के अंधेरे में तलाशी के दौरान तीन आरोपी भागते समय पहाड़ी से गिरकर घायल हो गए। घायलों का इलाज बीडीके अस्पताल, झुंझुनूं में कराया गया।इस पूरी कार्रवाई में कॉनस्टेबल प्रवीण कुमार की सराहनीय भूमिका रही।
झुंझुनूं पुलिस का कहना है कि बचे हुए आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्त में ले लिया जाएगा।
