Jhunjhunu News Today 22 करोड़ की ठगी करने वाला पति-पत्नी दिल्ली से गिरफ्तार
झुंझुनूं जिले से जुड़े एक बड़े ठगी कांड का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने 15 साल से फरार चल रहे पति-पत्नी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों पर 33 हजार लोगों से लगभग 22 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है।
कैसे की गई ठगी
करीब 15 साल पहले 6 लोगों ने मिलकर चिटफंड कंपनियां बनाई और लोगों को प्लॉट देने का झांसा दिया। इसके लिए अलग-अलग राज्यों में प्रचार कर लोगों को जोड़ा गया।
• कंपनी में निवेश कराने पर कार और बाइक देने का वादा किया गया।
• प्लॉट दिलाने के नाम पर पैसे वसूले गए।
• अकेले दौसा जिले में 7 हजार लोगों से करीब 8 करोड़ रुपये की ठगी हुई।
चिटफंड कंपनी का दावा
इसमें बताया था कि रिलायबल एजुकेशन प्रा.लि. व रिलायबल रियल हाउस प्रा.लि. के डायरेक्टर राकेश कुमार गुप्ता, मनीष खिंची, सूरज शर्मा, श्रीराम सैनी, नीना सैनी और भवानी सिंह कुमावत और अन्य ने मिलकर दो कंपनी बनाई थी। इसके जरिए प्रॉपर्टी और चिटफंड कंपनी का का किया गया।
फरारी के 15 साल
गिरफ्तार आरोपी श्रीराम सैनी और उनकी पत्नी नीना देवी मूल रूप से झुंझुनूं जिले के बगड़ रोड के रहने वाले हैं। दोनों पिछले 15 साल से फरार थे। फरारी के दौरान नाम बदलकर दिल्ली-हरियाणा और राजस्थान में रहते रहे और दिल्ली के शकूरपुरा इलाके में मोबाइल शॉप चला रहे थे।
पुलिस लगातार तीन राज्यों में स्थानीय लोगों से पूछताछ करती रही, पर आरोपी हाथ नहीं आए। आखिरकार लंबी खोजबीन के बाद गुरुवार को इन्हें दिल्ली से दबोच लिया गया।
पुलिस की कार्रवाई
दौसा DSP रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि दोनों आरोपी पति-पत्नी पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित था। दोनों को दिल्ली से पकड़कर राजस्थान लाया गया है। पुलिस अब इनके अन्य फरार साथियों की तलाश कर रही है।
यह मामला प्रदेश में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है और अब 22 करोड़ की इस ठगी के मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं।
जिला झुंझुनूं के कई आपराधिक मामलों में वांटेड हैं। आरोपी जिला दौसा में कोतवाली, बांदीकुई व जिला झुंझुनूं के कई आपराधिक मामलों में वांछित हैं। कोतवाल ने बताया कि 5 अक्टूबर 2010 को गिरिराज प्रसाद शर्मा निवासी दीपपुरा, मुखराज मीणा निवासी मिर्जापुरा, बसंत सैनी निवासी डीडवाना, सीडी शर्मा, डॉ. केके सोनी, विजय शंकर शर्मा और राजेंद्र कुमार विजय निवासी दौसा ने रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट में बताया था कि रिलायबल एजुकेशन प्रा.लि. व रिलायबल रियल हाउस प्रा.लि. के डायरेक्टर राकेश कुमार गुप्ता, मनीष खींची, सूरज शर्मा, श्रीराम सैनी, नीना सैनी व भवानी सिंह कुमावत और अन्य ने मिलकर दो कंपनी बनाई थी।
आरोपियों ने दिल्ली में मोबाइल की दुकान कर रखी थी। वहीं बेटी की स्कूल भी संभालते थे। आरोपी राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा में नाम बदलकर रहते थे। पुलिस टीम ने स्थानीय दुकानदारों से पूछताछ की। एएसआई रतन सिंह ने बताया कि इस मामले में राकेश कुमार व भवानी सिंह कुमावत को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका हैं। जबकि सूरज शर्मा की अग्रिम जमानत हो गई थी। वहीं मनीष खींची अभी फरार चल रहा है। आरोपियों ने करीब 33 हजार लोगों से 22 करोड़ रुपए की ठगी की थी। दौसा जिले में 6-7 हजार लोगों के साथ धोखाधड़ी कर 6 करोड़ रुपए ठग लिए थे।
जिसमें से कार्यकर्ताओं को कमीशन नॉनवर्किंग कार, मोटर साइकिल आदि देने का प्रलोभन दिया। इनके द्वारा दौसा जिले में 6-7 हजार लोगों के साथ धोखाधड़ी कर करीब 6 करोड़ रुपए ठग लिए। इसी प्रकार जोबनेर जयपुर में 26 बीघा जमीन रिलायबल एंकलेव के नाम पर कॉलोनी काट कर 150-200 प्लाटों का पैमेंट लेकर प्लाटों का पजेशन नहीं देकर ठगी की। कोतवाली थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की।
