RTE आवेदन की तारीख बढ़ी, अब 10 मार्च तक भर सकेंगे फॉर्म
फर्जी आय प्रमाण पत्र देने पर भरनी होगी दोगुनी फीस, 12 मार्च को निकलेगी लॉटरी
झुंझुनूं। शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश के लिए इस बार सरकार ने नियमों को और सख्त कर दिया है। फर्जी आय प्रमाण पत्र या गलत दस्तावेज देकर प्रवेश लेने की कोशिश करने वाले अभिभावकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पकड़े जाने पर संबंधित स्कूल की निर्धारित फीस की दोगुनी राशि जुर्माने के रूप में वसूली जाएगी।
वहीं तकनीकी दिक्कतों और जरूरी दस्तावेज समय पर तैयार नहीं होने के कारण ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 10 मार्च कर दी गई है।
शिक्षा विभाग द्वारा सत्र 2026-27 के लिए जारी नई गाइडलाइन में पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया गया है। विभाग को अक्सर शिकायतें मिलती थीं कि संपन्न परिवार भी कम आय का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर गरीब बच्चों का हक छीन लेते हैं।
PAN कार्ड से होगी आय की जांच
इस बार आवेदन प्रक्रिया में अभिभावकों के लिए PAN नंबर अनिवार्य किया गया है। इसके जरिए विभाग अभिभावकों की वास्तविक आय का क्रॉस चेक करेगा।
गलत जानकारी देने पर सख्त कार्रवाई
यदि किसी अभिभावक द्वारा गलत आय, फर्जी पता या झूठे दस्तावेजों के आधार पर बच्चे का प्रवेश कराया जाता है तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ संबंधित स्कूल की दो साल की फीस के बराबर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
छुट्टियों के कारण बढ़ाई गई तारीख
RTE के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 20 फरवरी से शुरू हुई थी। शुरुआती 13 दिनों में से 7 दिन सरकारी छुट्टियां होने के कारण कई अभिभावक आवश्यक दस्तावेज तैयार नहीं कर सके। होली, साप्ताहिक अवकाश और अन्य छुट्टियों के चलते जाति प्रमाण पत्र, मूल निवास और आय प्रमाण पत्र बनवाने में भी परेशानी आई।
12 मार्च को निकलेगी लॉटरी
नए शेड्यूल के अनुसार 12 मार्च को ऑनलाइन लॉटरी के जरिए सीटों का आवंटन किया जाएगा। आवेदन करते समय अभिभावक अधिकतम 5 स्कूलों की प्राथमिकता भर सकते हैं।
RTE के तहत निःशुल्क प्रवेश के लिए परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपए से कम होना जरूरी है। जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार हर साल आय, पते और वार्ड से जुड़ी सैकड़ों शिकायतें मिलती थीं। नई गाइडलाइन से फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी और पात्र बच्चों को ही योजना का लाभ मिल सकेगा।
