Jhunjhunu News नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 20 साल की सजा
झुंझुनूं। नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी विकास कुमार निवासी गुढ़ागौड़जी को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने मामले में आरोपी पर जुर्माना भी लगाया है।
मोबाइल पर बातचीत से शुरू हुआ मामला
अभियोजन के अनुसार, नाबालिग के पिता ने 28 अप्रैल 2025 को गुढ़ागौड़जी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी नाबालिग से मोबाइल पर बातचीत करता था। परिजन को इसकी जानकारी होने पर उन्होंने आरोपी को घर बुलाकर समझाया और भविष्य में नाबालिग से मोबाइल पर बातचीत नहीं करने की हिदायत दी थी।
पीड़िता के परिजन ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि आरोपी नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। आरोप है कि इसके बाद वह उसे करीब दो महीने तक अपने साथ रखे रहा और उसके साथ दुष्कर्म किया। इस दौरान पीड़िता गर्भवती हो गई।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और पीड़िता को दस्तयाब किया। पुलिस जांच में पीड़िता के बयान, मेडिकल जांच तथा अन्य साक्ष्यों को शामिल किया गया। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया।
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक सुरेंद्र सिंह भांबू ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष 13 गवाहों के बयान करवाए और 35 साक्ष्य पेश किए।
साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश इसरार खोखर ने आरोपी को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई।
न्यायालय ने सुनाई 20 साल की सजा
मामले की सुनवाई के बाद पॉक्सो न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया। न्यायालय ने आरोपी विकास कुमार निवासी गुढ़ागौड़जी को नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म और संबंधित अपराधों का दोषी मानते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
