Rajasthan Panchayat Election राजस्थान पंचायत चुनाव: आज से लगेगी आचार संहिता, जानिए क्या-क्या बदल जाएगा और किन कामों पर रहेगी रोक

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राजस्थान में आज से पंचायत चुनाव की आचार संहिता, जानिए क्या होगा असर

जयपुर। राजस्थान में पंचायतीराज चुनाव को लेकर आज बड़ा अपडेट सामने आएगा। राज्य निर्वाचन आयोग शनिवार 3 अक्टूबर 2026 को दोपहर 3 बजे पंचायत चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करेगा। चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी।

चुनाव चार चरणों में कराए जाने की संभावना है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार, प्रशासन, राजनीतिक दलों और चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन का पालन करना होगा।

आचार संहिता लगते ही क्या बदलेगा?

आचार संहिता का सबसे बड़ा असर सरकारी कामकाज और चुनाव प्रचार पर दिखाई देगा। चुनाव की घोषणा के बाद सरकार या प्रशासन ऐसे फैसले नहीं कर सकेगा, जिनसे किसी दल या प्रत्याशी को चुनावी लाभ मिलने की स्थिति बने।

1. नई योजनाओं की घोषणा पर रोक

आचार संहिता लागू होने के बाद सरकार की ओर से ऐसी नई योजनाओं की घोषणा, जिनका उद्देश्य चुनाव के दौरान मतदाताओं को प्रभावित करना माना जा सकता है, पर रोक रहेगी।

नई परियोजनाओं के शिलान्यास और लोकार्पण पर भी चुनाव आयोग की गाइडलाइन लागू होगी। चुनाव के दौरान सरकारी धन और मशीनरी का इस्तेमाल किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं किया जा सकेगा।

2. तबादलों पर रहेगी पाबंदी

चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर रोक लगने की संभावना है। चुनाव अवधि में प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति और स्थानांतरण निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार ही किए जाएंगे।

3. सरकारी मशीनरी का चुनाव में इस्तेमाल नहीं

मंत्री, जनप्रतिनिधि या राजनीतिक दल चुनाव प्रचार के लिए सरकारी वाहन, सरकारी भवन, सरकारी कर्मचारी अथवा अन्य सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।

सरकारी पद पर रहते हुए आधिकारिक दौरे और चुनाव प्रचार को मिलाने पर भी नियम लागू होंगे। चुनाव आयोग की आचार संहिता का प्रमुख उद्देश्य सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग को रोकना है।

4. सरकारी विज्ञापनों पर भी नजर

आचार संहिता के दौरान सरकारी खर्चे पर ऐसे विज्ञापन जारी करने से बचना होगा, जिनमें सरकार की उपलब्धियों का प्रचार राजनीतिक लाभ के लिए किया जा सकता हो।

सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों के प्रचार-प्रसार पर चुनाव आयोग की निगरानी रहेगी।

प्रत्याशियों के लिए भी कड़े नियम

पंचायत चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों को प्रचार के दौरान कई नियमों का पालन करना होगा।

– मतदाताओं को रिश्वत या किसी प्रकार का प्रलोभन नहीं दिया जा सकेगा।
– जाति या धर्म के नाम पर वोट मांगने पर रोक रहेगी।
– धार्मिक स्थलों का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकेगा।
– दूसरे प्रत्याशी के निजी जीवन को लेकर अनावश्यक या अपमानजनक प्रचार से बचना होगा।
– बिना अनुमति किसी की जमीन, मकान या दीवार पर पोस्टर-बैनर नहीं लगाए जा सकेंगे।
– चुनावी सभाओं और जुलूसों के लिए संबंधित प्रशासन और पुलिस से आवश्यक अनुमति लेनी होगी।

लाउडस्पीकर और चुनाव प्रचार पर भी नियंत्रण

चुनावी सभाओं, रैलियों और जुलूसों में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल के लिए निर्धारित नियमों और अनुमति का पालन करना होगा।

चुनावी प्रचार के दौरान सार्वजनिक व्यवस्था, यातायात और ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियम भी लागू रहेंगे।

राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव को लेकर चुनावी खर्च, प्रचार वाहनों, पोस्टर-बैनर और लाउडस्पीकर से संबंधित नियम भी तय किए हैं।

मतदान के समय क्या रहेगा प्रतिबंध?

मतदान के दौरान मतदाताओं को किसी भी तरह प्रभावित करने, डराने-धमकाने या प्रलोभन देने पर रोक रहेगी।

मतदान केंद्र के आसपास चुनाव प्रचार और भीड़ जुटाने पर भी निर्धारित नियम लागू होंगे। मतदान समाप्ति से पहले निर्धारित अवधि में सार्वजनिक सभाओं और प्रचार पर प्रतिबंध रहता है।

पंचायत चुनाव में क्या-क्या होगा?

राजस्थान में इस बार पंचायतीराज चुनाव में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों का चुनाव होगा। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार करीब 1.69 लाख से अधिक जनप्रतिनिधि चुने जाएंगे।

इनमें:

– 1,403 जिला परिषद सदस्य
– 8,245 पंचायत समिति सदस्य
– 14,403 ग्राम पंचायतों में सरपंच
– करीब 1.30 लाख वार्ड पंच
– जिला परिषद सदस्यों से 41 जिला प्रमुख
– पंचायत समिति सदस्यों से 457 प्रधान

शामिल हैं।

सरपंच-पंच के लिए बैलेट पेपर, बाकी के लिए EVM

चुनाव की व्यवस्था में भी अंतर रहेगा। सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव बैलेट पेपर से, जबकि पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव EVM से कराए जाने की जानकारी सामने आई है।

करीब दो महीने रह सकती है आचार संहिता

चुनाव कार्यक्रम और मतदान के चरणों के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता करीब दो महीने तक प्रभावी रहने की संभावना है। हालांकि इसकी वास्तविक अवधि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम और चुनाव प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर करेगी।

ग्रामीण राजस्थान में बढ़ेगी चुनावी सरगर्मी

आचार संहिता लागू होने के साथ ही गांवों में चुनावी गतिविधियां तेज हो जाएंगी। संभावित प्रत्याशी जनसंपर्क, बैठक और प्रचार की तैयारियों में जुटेंगे। वहीं प्रशासन चुनाव कार्यक्रम के अनुसार नामांकन, मतदान केंद्र, सुरक्षा व्यवस्था और चुनावी स्टाफ से संबंधित तैयारियों को अंतिम रूप देगा।

महत्वपूर्ण: आचार संहिता का औपचारिक प्रभाव राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा आज चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ शुरू होगा। इसलिए अंतिम नियम, तारीखें और प्रतिबंध आयोग की आधिकारिक घोषणा के अनुसार ही माने जाएंगे।