Renting bank account किराए पर खाते लेकर 200 करोड़ का लेन-देन कियाः मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़ी
राजस्थान का झुंझुनूं जिला अब झारखंड के जामताड़ा की तर्ज पर साइबर ठगी का नया गढ़ बन चुका है। पिछले डेढ़ साल में यहां के 3918 बैंक खातों के माध्यम से 200 करोड़ से अधिक की साइबर ठगी के रुपयों का लेन-देन हुआ है। इन ठगों की तेजी इतनी है कि वे ठगी के महज 30 मिनट के भीतर ही ही रुपए को विदेशी एक्सचेंज या ब्लॉकचेन नेटवर्क में बदलकर देश से बाहर भेज देते हैं।
झुंझुनूं एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया कि यहां से संचालित गिरोहों का नेटवर्क अब बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, गुजरात, झारखंड और यूपी तक फैल चुका है। नवलगढ़, कोतवाली, खेतड़ी और सिंघाना क्षेत्र इन ठगों के केंद्र बन रहे हैं।
मर्चेंट नेवी वाले भी बने अपराधी
पुलिस की कार्रवाई में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस नेटवर्क में टाइल्स कारोबारी और यहां तक कि मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़ चुके युवा भी शामिल हैं। आसान धन और लग्जरी लाइफ के लालच में ये शिक्षित और संपन्न युवा ठगी के इस कारोबार से जुड़ रहे हैं।
किराए पर खाते और कमीशन का लालच
पुलिस जांच में सामने आया कि ठगों ने हजारों की सं की संख्या में फर्जी सिम का इस्तेमाल करने के साथ-साथ 3918 बैंक खाते किराए पर लिए थेः किराए पर खाताः बेरोजगार युवकों को 15 हजार से 50 हजार रुपए में अपना बैंक खाता किराए पर देने या कमीशन पर ऑपरेट करने का लालच दिया जाता है।
एसपी के अनुसार, झुंझुनूं के नवलगढ़, कोतवाली, खेतड़ी और सिंघाना थाना क्षेत्र इसके केंद्र बन रहे हैं।
पुलिस ने अब तक 9 लोगों के खिलाफ बैंक खाते किराए पर देकर ठगी की रकम लेने के आरोप में केस दर्ज किए हैं। खाते किराए देने के मामले में 94 लोगों को गिरफ्तार किया गया। 480 से अधिक संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ की गई। पुलिस ने अब तक 583 संदिग्ध बैंक खातों पर कार्रवाई की है, जबकि 3335 खातों की जांच अभी जारी है।
सिर्फ 18 महीनों में ही 2 अरब का लेनदेन इन खातों में हुआ है। पुलिस केवल 75 करोड़ की ही रिकवरी कर पाई है। बाकी का ट्रांजैक्शन विदेशी एक्सचेंज और ब्लॉकचेन नेटवर्क में कन्वर्ट कर या तो विदेश भेज दिया गया है या फिर भारत में ही यूज हो रहा है।
