NEET परीक्षा रद्द होने के बाद अवसाद में आया छात्र, सीकर में फंदा लगाकर दी जान

NEET परीक्षा रद्द होने से टूट गया सपना: झुंझुनूं के प्रदीप ने की आत्महत्या, परिवार सदमे में

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गुढ़ागौड़जी/झुंझुनूं। नीट यूजी परीक्षा रद्द होने के बाद मानसिक तनाव में आए एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। झुंझुनूं जिले के गुढ़ागौड़जी क्षेत्र की कनिका की ढाणी निवासी 23 वर्षीय प्रदीप माहिच ने सीकर में अपने किराए के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। घटना के बाद परिवार और गांव में शोक की लहर है।

जानकारी के अनुसार प्रदीप माहिच पुत्र राजेश माहिच पिछले तीन वर्षों से सीकर में रहकर NEET परीक्षा की तैयारी कर रहा था। उसके साथ उसकी दो बहनें भी रहती थीं। शुक्रवार दोपहर प्रदीप ने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के समय उसकी छोटी बहन कोचिंग गई हुई थी, जबकि बड़ी बहन बाथरूम में थी। बाहर आने पर उसने प्रदीप को फंदे से लटका देखा।

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परिजनों ने बताया कि प्रदीप का इस बार NEET का पेपर काफी अच्छा हुआ था और उसे सरकारी मेडिकल कॉलेज मिलने की उम्मीद थी। लेकिन परीक्षा रद्द होने की खबर के बाद वह लगातार तनाव और अवसाद में रहने लगा था।

प्रदीप के चचेरे भाई विक्रम ने बताया कि परिवार ने बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद पिता ने जमीन तक बेच दी थी ताकि प्रदीप की पढ़ाई जारी रह सके। प्रदीप तीन बहनों में इकलौता भाई था और पूरे परिवार की उम्मीद उसी पर टिकी हुई थी।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। देर शाम तक पोस्टमार्टम नहीं कराया गया था। परिजन शव लेकर धरने पर बैठ गए और मामले में न्याय की मांग कर रहे थे।

इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार बढ़ते तनाव और भविष्य को लेकर अनिश्चितता के कारण कई छात्र मानसिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं।