Government Pension Yojana
राजस्थान सरकार ने 3 लाख लोगों की पेंशन पर लगाई रोक, 24000 रुपये से ज्यादा बिजली बिल भरने वालों को नोटिस जारी
राजस्थान में पेंशनधारकों के लिए एक नई चुनौती सामने आई है। झुंझुनूं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने आदेश जारी किया है कि जिन पेंशनरों का बिजली का सालाना बिल 24 हजार रुपये से अधिक है, उनकी पेंशन की दोबारा जांच कराई जाएगी।
विभाग ने इन पेंशनधारकों की पेंशन को अस्थाई तौर पर रोकने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। विभाग के निदेशक आशीष मोदी ने सभी जिला कलेक्टरों और समाज कल्याण अधिकारियों को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों में आय की पुन: जांच की जाए।
यदि जांच में आय निर्धारित सीमा से अधिक पाई जाती है, तो उनकी पेंशन स्थायी रूप से निरस्त की जाएगी। वहीं, जिनकी पात्रता साबित हो जाएगी, उनकी पेंशन दोबारा शुरू कर दी जाएगी।
क्यों उठाया गया यह कदम
सरकार को शिकायत मिल रही थी कि कई लोग पात्रता के मानकों पर खरे न उतरने के बावजूद पेंशन ले रहे हैं। इसके बाद विभाग ने प्रदेश की तीनों बिजली कंपनियों से डेटा मांगा। जांच में पाया गया कि करीब तीन लाख से ज्यादा पेंशनधारक ऐसे हैं जिनका सालाना बिजली बिल 24 से 48 हजार रुपये के बीच है। इससे विभाग ने इन्हें संदिग्ध मानते हुए जांच के आदेश दिए हैं।
48 हजार से ज्यादा हुई इनकम तो पेंशन खत्म
बताया जा रहा है कि विभाग की जांच में अगर पेंशनधारियों की इनकम अगर 48 हजार रुपये से अधिक पाई जाती है तो उन लोगों का पेंशन हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा. लेकिन अगर 48 हजार रुपये से कम की इनकम होगी तो फिर से पेंशन शुरू हो जाएगी.
किन योजनाओं के अंतर्गत मिलती है पेंशन
राज्य सरकार वर्तमान में तीन प्रमुख योजनाओं के तहत हर महीने पेंशन दे रही है
• मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान पेंशन योजना
• मुख्यमंत्री एकल नारी सम्मान पेंशन योजना
• मुख्यमंत्री विशेष योग्य जन सम्मान पेंशन योजना
इन योजनाओं के तहत 91 लाख 85 हजार लाभार्थियों को हर महीने 1150 से 1500 रुपये तक की राशि दी जाती है।
बुजुर्गों में चिंता का माहौल
झुंझुनूं जिले के कई पेंशनर्स ने चिंता व्यक्त की है कि यदि यह नया नियम लागू किया गया, तो उनकी पेंशन रुक सकती है। उनका कहना है कि बिजली बिल में बढ़ोतरी अक्सर घरेलू जरूरतों या महंगाई के कारण होती है, न कि आय बढ़ने से। ऐसे में कई गरीब बुजुर्गों को आर्थिक संकट झेलना पड़ सकता है।
