गोद भराई करने गए साथ ले आए दुल्हन:बिना दहेज चट मंगनी पट ब्याह | बिना दहेज शादी बनी मिसाल

चट मंगनी पट ब्याहः गोद भराई के लिए पहुंचे लड़की के घर और शादी कर ले आए

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झुंझुनूं जिले के ग्रामीण इलाके में एक अनोखी शादी की चर्चा जोरों पर है। सुल्ताना कस्बे से लड़के वाले जब सोनासर गांव में गोद भराई की रस्म निभाने पहुंचे, तो वहाँ ऐसा कुछ हुआ जिसने सभी को हैरान कर दिया।

सुल्ताना से सोनासर गांव में गोद भराई की रस्म के लिए पहुंचे लड़के वालों ने वहीं शादी करने का फैसला कर सभी को चौंका दिया। यह शादी न सिर्फ अचानक हुई, बल्कि बिना दहेज की मिसाल भी बनी।

गोद भराई की रस्म बनी शादी का कारण

सुल्ताना निवासी संदीप कलिया और सोनू की शादी की तैयारियां अभी सिर्फ चर्चा तक ही सीमित थीं। तय कार्यक्रम अनुसार लड़के वाले सोनासर गांव में सोनू की गोद भराई के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों परिवारों के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत हुई।

परिवार के सदस्यों ने प्रस्ताव रखा कि जब दोनों पक्ष मौजूद हैं और माहौल भी शुभ है, तो क्यों न आज ही शादी कर ली जाए। इस सुझाव को सभी ने खुशी-खुशी स्वीकार कर लिया।

बिना दहेज शादी करने का संदीप का संकल्प



दूल्हा संदीप कलिया ने बताया कि उन्होंने पहले से ही बिना दहेज शादी करने का मन बना रखा था। उनका कहना था कि दहेज जैसी कुप्रथा समाज को तोड़ती है, इसलिए वह इसे बढ़ावा नहीं देना चाहते। परिवारजन भी इस सोच से पूरी तरह सहमत थे।

सगाई की रस्म बनी विवाह समारोह



जैसे ही परिवारों ने निर्णय लिया, गोद भराई की रस्म तुरंत सगाई और फिर शादी में बदल गई। मौके पर ही हल्की-फुल्की तैयारियों के बीच विवाह संस्कार पूरे किए गए। परिवार और रिश्तेदारों ने इस अनोखे विवाह को यादगार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

दुल्हन सोनू को लेकर सुल्ताना पहुंचे संदीप



शादी की रस्म पूरी होने के बाद दूल्हा संदीप अपनी दुल्हन सोनू को लेकर सुल्ताना पहुंचे, जहां गांव में खुशी का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने नवविवाहित दंपति का स्वागत किया और उन्हें आशीर्वाद दिया।

बिना दहेज और सरल विवाह की मिसाल



इस विवाह ने समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया है कि रिश्ते औपचारिकताओं से नहीं, बल्कि आपसी समझ और सरलता से बनते हैं। बिना दहेज और तुरंत लिए गए इस निर्णय की पूरे क्षेत्र में खूब सराहना हो रही है।