चिड़ावा–पिलानी 16 किमी सड़क होगी फोरलेन, 48 करोड़ की लागत से बदलेगा सफर का अनुभव
झुंझुनूं जिले के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। जिले की चिड़ावा से पिलानी तक 16 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) ने इस दिशा में कवायद तेज कर दी है और 48 करोड़ रुपये की लागत से इस सड़क को चौड़ा करने का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को मंजूरी के लिए भेजा गया है।
यह सड़क चिड़ावा से पिलानी होते हुए राजगढ़ और हिसार को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों में शामिल है। वर्तमान में यह सड़क टू-लेन है, लेकिन ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ने से सड़क जगह-जगह टूट चुकी है, साथ ही यहां हादसों की संख्या भी बढ़ती जा रही है।
7 साल पहले बनी थी सड़क, अब ट्रैफिक बढ़ने से हालत खराब
जानकारी के अनुसार, चिड़ावा–पिलानी सड़क का निर्माण करीब 7 साल पहले किया गया था। उस समय यह सड़क पर्याप्त मानी जा रही थी, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।
इस मार्ग पर लगातार बढ़ रही वाहनों की आवाजाही, भारी ट्रैफिक और टू-लेन व्यवस्था के कारण कई जगह सड़क की सतह खराब हो गई है। नतीजा यह है कि यात्रियों को सफर में परेशानी होती है और ओवरटेकिंग के दौरान दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
लंबे समय से उठ रही थी मांग, प्रभारी मंत्री तक पहुंची बात
चिड़ावा–पिलानी सड़क को फोरलेन करने की मांग स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही थी।
हाल ही में जिले के प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत द्वारा सुझाव मांगे गए थे, जिसमें इस सड़क को फोरलेन बनाने की मांग भी प्रमुख रूप से सामने आई। इसके बाद PWD ने इस सड़क के लिए फोरलेन प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है।
कैसी होगी नई फोरलेन सड़क? (डिवाइडर और शोल्डर भी होंगे)
PWD के प्रस्ताव के अनुसार, फोरलेन बनने के बाद सड़क की संरचना काफी बेहतर होगी।
नई सड़क में—
• सड़क की चौड़ाई 7-7 मीटर होगी
• दोनों तरफ 1.5-1.5 मीटर पेवर्ड शोल्डर रहेगा
• बीच में डिवाइडर बनाया जाएगा
• सड़क चौड़ी करने के लिए भूमि अधिग्रहण भी किया जाएगा
• इस बदलाव के बाद ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी और वाहन चालकों को सुरक्षित सफर मिलेगा।
हादसों पर लगेगी लगाम, देवरोड के पास ब्लैक स्पॉट बनेगा सुरक्षित
चिड़ावा–पिलानी सड़क पर चौड़ाई कम होने के कारण हादसे अधिक हो रहे हैं। खासतौर पर देवरोड के नजदीक करीब 1 किलोमीटर तक का हिस्सा ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है।
यहां टू-लेन सड़क और अधिक ट्रैफिक के कारण अक्सर वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है। दुर्घटनाओं की लगातार घटनाओं को देखते हुए प्रशासन पहले ही इसे ब्लैक स्पॉट घोषित कर चुका है।
फोरलेन बनने के बाद—
• ओवरटेकिंग आसान होगी
• आमने-सामने की टक्कर की संभावना घटेगी
• डिवाइडर होने से सड़क ज्यादा सुरक्षित बनेगी
• फोरलेन बनने से पिलानी से जयपुर–दिल्ली तक कनेक्टिविटी होगी मजबूत
• चिड़ावा से पिलानी तक फोरलेन बनने के बाद जिले की सड़क कनेक्टिविटी को बड़ा फायदा मिलेगा।
इस परियोजना से पिलानी से जयपुर तक का मार्ग फोरलेन हो जाएगा, जिससे आगे चलकर दिल्ली तक का सफर भी अधिक सुगम बनेगा।
पहले से मौजूद और प्रस्तावित फोरलेन नेटवर्क की स्थिति-
• चिड़ावा से झुंझुनूं तक फोरलेन नेशनल हाईवे को मंजूरी मिल चुकी है
• इसकी DPR तैयार हो चुकी है
• टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है
• झुंझुनूं से सीकर तक 72 किमी फोरलेन RSRDC द्वारा पहले से बनी हुई है
• सीकर से जयपुर तक फोरलेन सड़क पहले से मौजूद है
• वहीं NHAI द्वारा चिड़ावा से पचेरी तक फोरलेन निर्माण भी किया जा रहा है
अब चिड़ावा–पिलानी फोरलेन बनने से पिलानी सीधे जयपुर और दिल्ली तक फोरलेन हाईवे नेटवर्क से जुड़ जाएगा।
जिले के लोगों को होगा बड़ा फायदा
इस सड़क के फोरलेन होने से—
• यात्रा का समय कम होगा
• भारी वाहनों की आवाजाही आसान होगी
• व्यापार और आवागमन को बढ़ावा मिलेगा
• दुर्घटनाओं में कमी आएगी
• क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी
• खासतौर पर चिड़ावा, पिलानी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए यह परियोजना बड़ी राहत साबित होगी।
निष्कर्ष
चिड़ावा–पिलानी 16 किमी सड़क को 48 करोड़ रुपये की लागत से फोरलेन करने का प्रस्ताव झुंझुनूं जिले के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। बढ़ते ट्रैफिक दबाव, खराब सड़क स्थिति और हादसों को देखते हुए यह फैसला समय की जरूरत बन चुका था। अब मंजूरी मिलने के बाद इस सड़क का निर्माण शुरू होते ही लोगों को सुरक्षित और सुगम यात्रा का फायदा मिलेगा।
