मण्णपुरम फाइनेंस पिलानी शाखा में 30 लाख रुपये का गबन
नकली सोना गिरवी रख रिश्तेदारों को दिया लोन, ब्रांच मैनेजर व सहायक मैनेजर गिरफ्तार
पिलानी : मण्णपुरम फाइनेंस लिमिटेड की पिलानी शाखा में नकली सोना गिरवी रखकर करीब 30 लाख रुपये का गोल्ड लोन देने के गबन मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शाखा प्रबंधक और सहायक शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार किया है।
पुलिस अधीक्षक झुंझुनूं बृजेश ज्योति उपाध्याय (IPS) के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह राजावत (RPS) के मार्गदर्शन तथा वृताधिकारी चिड़ावा विकास धींधवाल (RPS) के सुपरविजन में थाना पिलानी पुलिस ने यह कार्रवाई की।
थानाधिकारी चंद्रभान पु.नि. के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने मण्णपुरम फाइनेंस लिमिटेड शाखा पिलानी के ब्रांच मैनेजर संदीप सैनी तथा सहायक ब्रांच मैनेजर नरेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया।
ऑडिट में खुला गबन का राज
मामले की रिपोर्ट 9 दिसंबर 2025 को मण्णपुरम फाइनेंस लिमिटेड के एरिया मैनेजर लोकेश शर्मा ने पुलिस थाना पिलानी में दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट के अनुसार कंपनी एक गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्था है, जो आरबीआई अधिनियम के तहत पंजीकृत है और देशभर में 3500 से अधिक शाखाओं के माध्यम से गोल्ड लोन का कार्य करती है।
पिलानी स्थित शाखा (कोड 3549) में 12 अक्टूबर से 24 अक्टूबर 2025 के बीच ऑडिट किया गया, जिसमें लगभग 30,08,281 रुपये के गबन का खुलासा हुआ।
नकली गहनों पर पास किए लोन
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अंडर स्टोन, जीरो प्योरिटी, मिसिंग व आंशिक रूप से मिसिंग सोने के नकली गहने गिरवी रखे। इन गहनों को असली बताकर अपने रिश्तेदारों और परिचितों के नाम से गोल्ड लोन स्वीकृत कर लिया गया और राशि का गबन कर लिया गया।
इस गबन से न केवल कंपनी को आर्थिक नुकसान हुआ, बल्कि मण्णपुरम फाइनेंस की साख को भी ठेस पहुंची।
10 बैंक खातों में हुआ लेनदेन
पुलिस जांच में करीब 10 बैंक खाते ऐसे पाए गए हैं, जिनमें आरोपियों द्वारा इस तरीके से लोन की राशि ट्रांसफर की गई। शाखा के रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद आरोप प्रमाणित पाए गए।
रिमांड पर लेकर होगी गहन जांच
गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है। पुलिस द्वारा मामले में गहन अनुसंधान जारी है और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
