चट मंगनी पट ब्याह: महपालवास में सगाई बनी शादी, एक ही मुहूर्त में लिए सात फेरे
राजस्थानी परंपरा, विश्वास और सौहार्द का अनूठा उदाहरण
सूरजगढ़ (झुंझुनूं) राजस्थानी संस्कृति में परंपरा, पारिवारिक एकता और आपसी विश्वास की मिसालें समय-समय पर देखने को मिलती रहती हैं, लेकिन सूरजगढ़ तहसील के महपालवास गांव में घटित यह घटना अपने आप में बेहद खास और प्रेरणादायी रही। यहां सगाई के लिए जुटे दो परिवारों ने आपसी सहमति और शुभ संयोग को देखते हुए सगाई को ही विवाह में बदल दिया।
💍 सगाई का मुहूर्त बना विवाह का शुभ अवसर
महपालवास निवासी ताराचंद लोहान, पुत्र नौरंगी लाल लोहान, अपने पुत्र अंकुर लोहान की सगाई के लिए चूरू जिले के थिरपाली छोटी गांव पहुंचे थे। यहां सज्जन देवा (जाट) के पुत्र धर्मेंद्र की पुत्री प्रीति के साथ अंकुर की सगाई का शुभ मुहूर्त तय किया गया था।
सगाई समारोह पारंपरिक रीति-रिवाजों, मंत्रोच्चार, फूल-मालाओं और मिठाइयों के आदान-प्रदान के साथ हर्षोल्लास से चल रहा था। इसी दौरान दोनों परिवारों के बीच गहरी आत्मीयता, विश्वास और आपसी समझ का भाव और मजबूत होता गया।
🤝 आपसी सहमति से लिया ऐतिहासिक निर्णय
सगाई के दौरान हुई पारिवारिक चर्चा में दोनों पक्ष इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि जब
सभी परिजन उपस्थित हैं,
दोनों परिवारों की पूर्ण सहमति है,
और शुभ मुहूर्त भी मौजूद है,
तो विवाह को आगे टालने के बजाय उसी क्षण संपन्न कर लेना ही उचित रहेगा। इसके बाद सगाई का माहौल देखते-देखते विवाह उत्सव में बदल गया।
🔥 वहीं स्थल पर लिए सात फेरे
इसके तुरंत बाद दूल्हा अंकुर और दुल्हन प्रीति ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सात फेरों की परिक्रमा कर वैवाहिक जीवन में प्रवेश किया।
परिजन, रिश्तेदार और बारातियों की मौजूदगी में यह पल भावुक, आनंदमय और यादगार बन गया।
🎉 परिवार में खुशी का माहौल
अचानक हुए इस शुभ निर्णय से दोनों परिवारों और उपस्थित लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई। ढोल-नगाड़ों, आशीर्वाद और मंगल गीतों के बीच विवाह समारोह संपन्न हुआ।
परिजनों ने इसे ईश्वर की विशेष कृपा और शुभ संयोग बताया।
🌺 प्रेम और विश्वास की मिसाल
दोनों परिवारों का कहना है कि यह निर्णय प्रेम, विश्वास और आपसी समझ के कारण सहज रूप से लिया गया।
स्थानीय लोगों ने इसे “चट मंगनी पट ब्याह” का दुर्लभ उदाहरण बताते हुए समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।
✨ समाज के लिए प्रेरणा
इस अनोखे विवाह ने यह संदेश दिया कि जब रिश्तों की नींव विश्वास, संवाद और सहमति पर टिकी हो, तो परंपराएं और निर्णय दोनों ही सुंदर बन जाते हैं।
नवविवाहित जोड़ा अंकुर और प्रीति तथा दोनों परिवार इस सुखद संयोग की खुशियां पूरे उत्साह के साथ मना रहे हैं।
