भादवासी जमीन विवाद में गैंगवार: कृष्णकांत उर्फ गोलू स्वामी हत्याकांड में बड़ी पुलिस कार्रवाई, 4 हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार

भादवासी जमीन विवाद में गैंगवार: कृष्णकांत उर्फ गोलू स्वामी हत्याकांड में बड़ी पुलिस कार्रवाई, 4 हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार

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झुंझुनूं/सीकर। भादवासी गांव (जिला सीकर) में जमीन विवाद को लेकर दो कुख्यात गैंगों के बीच हुई गैंगवार में श्रवण भादवासी गैंग (1657) के सक्रिय सदस्य हिस्ट्रीशीटर कृष्णकांत उर्फ रविकांत उर्फ गोलू स्वामी की हत्या के मामले में जिला पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए रविन्द्र कटेवा गैंग (0056) के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपी

पुलिस ने प्रकरण में हिस्ट्रीशीटर रविन्द्र कटेवा, विकास बटार, संदीप गिल और पंकज रूलानिया को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान तीन थार, तीन कैम्पर, एक फॉर्च्यूनर और एक ब्रेजा सहित कई वाहन भी जब्त किए गए हैं।

क्या है पूरा मामला

पुलिस के अनुसार, भादवासी स्थित जमीन को लेकर रविन्द्र कटेवा गैंग (0056) और श्रवण भादवासी गैंग (1657) के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। इसी रंजिश में 12 दिसंबर 2025 को थाना गोठड़ा क्षेत्र के कैमरी की ढाणी, खिरोड़ में दोनों पक्षों के बीच फायरिंग हुई।
आपसी गोलीबारी में कृष्णकांत उर्फ गोलू स्वामी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे पक्ष के सुनिल सुण्डा की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।

सुपारी और बदले की साजिश

जांच में सामने आया कि इससे पहले नवंबर 2024 में रविन्द्र कटेवा गैंग द्वारा श्रवण भादवासी गैंग के सदस्य सुरेश मुवाल पर जानलेवा हमला किया गया था। इसी का बदला लेने और जमीन विवाद को लेकर गैंगवार भड़की। पुलिस के अनुसार, श्रवण भादवासी गैंग ने कथित तौर पर 50 लाख रुपये की सुपारी देकर रविन्द्र कटेवा की हत्या के लिए लोगों को भेजा था।

घटना के बाद त्वरित एक्शन

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। एफएसएल व एमओबी टीमों से साक्ष्य संकलन कराया गया। मृतक का शव जिला अस्पताल नवलगढ़ भिजवाया गया।
परिवादी की रिपोर्ट पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की गंभीर धाराओं तथा आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।

अपराधिक इतिहास और आगे की कार्रवाई

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, रविन्द्र कटेवा गैंग के सदस्यों के खिलाफ झुंझुनूं, सीकर, कोटा, गंगानगर, बीकानेर, चूरू और दिल्ली में हत्या, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, जमीन विवाद, साइबर अपराध और धमकी जैसे दो दर्जन से अधिक प्रकरण दर्ज हैं।
अन्य नामजद आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही गैंग लीडर और सदस्यों की अवैध संपत्तियों व वाहनों पर कानूनी कार्रवाई भी जारी है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राघवेन्द्र सुहासा (IPS) के निर्देशन में तथा झुंझुनूं जिला के पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय (IPS) के सुपरविजन में की गई।
कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय और नवलगढ़ वृत्ताधिकारी के मार्गदर्शन में गोठड़ा, नवलगढ़, गुढ़ागौड़जी, उदयपुरवाटी, मुकुंदगढ़ थाना पुलिस व डीएसटी की संयुक्त टीमें शामिल रहीं।

पुलिस का कहना है कि दोनों गैंगों के खिलाफ संगठित अपराध, फायरिंग और हत्या की धाराओं में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

सुनील सुण्डा हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई: दो शूटर गिरफ्तार, एक फरार आरोपी दस्तयाब

झुंझुनूं/सीकर। भादवासी (जिला सीकर) में जमीन विवाद को लेकर हुई गैंगवार में हिस्ट्रीशीटर रविन्द्र कटेवा गैंग (0056) के सक्रिय सदस्य सुनील सुण्डा की हत्या के मामले में जिला पुलिस ने त्वरित व प्रभावी कार्रवाई करते हुए पिंटु भिचरी और हिस्ट्रीशीटर राजू अठवास को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, प्रकरण में फरार तीसरे आरोपी नन्दु सिंह राजपूत को सीकर पुलिस के सहयोग से दस्तयाब किया गया है।

हथियार व वाहन जब्त

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक देशी पिस्टल, एक देशी कट्टा और एक खाली कारतूस बरामद किया है। इसके अलावा, फायरिंग में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार भी जब्त की गई है। साथ ही श्रवण भादवासी गैंग (1657) के सदस्यों की अवैध संपत्तियों व वाहनों के खिलाफ विधिक कार्रवाई जारी है।

घटना का संक्षेप

पुलिस के अनुसार, 12 दिसंबर 2025 को थाना गोठड़ा क्षेत्र के कैमरी की ढाणी, खिरोड़ में रविन्द्र कटेवा के घर के सामने फायरिंग हुई। इसमें सुनील सुण्डा के सिर में गोली लगी। गंभीर हालत में उन्हें सीएचसी खिरोड़ से एसके अस्पताल, सीकर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।


घटना के बाद हमलावर स्विफ्ट डिजायर से भागे, जिनका पीछा कर खेतों में पकड़ने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति नियंत्रित कर घायलों को इलाज के लिए भिजवाया और साक्ष्य संकलन कराया।

जमीन विवाद और सुपारी का एंगल

जांच में सामने आया कि रविन्द्र कटेवा गैंग (0056) और श्रवण भादवासी गैंग (1657) के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद था। पुलिस का कहना है कि श्रवण भादवासी गैंग ने कथित तौर पर 50 लाख रुपये की सुपारी देकर कटेवा की हत्या के लिए शूटर भेजे थे, इसी दौरान हुई फायरिंग में सुनील सुण्डा की जान चली गई

आपराधिक पृष्ठभूमि

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, श्रवण भादवासी गैंग के कई सदस्यों के खिलाफ झुंझुनूं और सीकर में हत्या, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, मारपीट, जमीन विवाद और धमकी जैसे दर्जनभर से अधिक मामले दर्ज हैं। दोनों गैंगों के खिलाफ हत्या, फायरिंग और संगठित अपराध की गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई

यह कार्रवाई जयपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राघवेन्द्र सुहासा (IPS) के निर्देशन में तथा झुंझुनूं जिला के पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय (IPS) के सुपरविजन में की गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय, नवलगढ़ वृत्ताधिकारी तथा गोठड़ा, नवलगढ़, गुढ़ागौड़जी, उदयपुरवाटी, मुकुंदगढ़ थाना पुलिस और डीएसटी की संयुक्त टीमों ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फरार आरोपियों की तलाश, गैंग नेटवर्क की पहचान और अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।