₹50 हजार तक लोन, क्रेडिट कार्ड: पीएम मोदी ने लाल किले से इस योजना का किया जिक्र

PM SVANidhi Yojana प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के भाषण में पीएम स्वनिधि (PM SVANidhi) योजना का जिक्र करते हुए बताया कि यह योजना रेहड़ी-पटरी और स्ट्रीट-वेंडर्स को आर्थिक रूप से सशक्त कर रही है।

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कोरोना के बाद आजीविका फिर से शुरू करने के लिए यह माइक्रो-लोन और यूपीआई-लिंक्ड क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधाएँ बेहद उपयोगी साबित हुई हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि क्या है योजना, किसे मिलता है फायदा और आप कैसे आवेदन कर सकते हैं।

 

पीएम स्वनिधि योजना क्या है?


PM SVANidhi 2020 में शुरू की गई एक केंद्र सरकार की योजना है जिसका उद्देश्य रेहड़ी-पटरी वाले और स्ट्रीट-वेंडर्स को पुनः आजीविका शुरू करने के लिए किफायती वर्किंग कैपिटल प्रदान करना है। योजना तहत तीन-स्तरीय लोन संरचना है — पहली किस्त ₹10,000, दूसरी किस्त ₹20,000 (पहली किस्त के रिपेमेंट पर) और तीसरी किस्त ₹50,000 (दूसरे लोन के रिपेमेंट पर)। हाल ही में UPI-linked क्रेडिट कार्ड जैसी डिजिटल सुविधाएँ भी जोड़ी गई हैं।

 


योजना की प्रमुख विशेषताएँ



माइक्रो-लोन तक ₹50,000: री-पेमेंट पर उच्च सीमा।

UPI-linked क्रेडिट कार्ड: कार्ड लिमिट लगभग ₹30,000 तक (सरकारी घोषणाओं के अनुसार)।

डिजिटल पेमेंट सशक्तिकरण: वेंडर अब UPI से भुगतान स्वीकार कर रहे हैं।

लागूकर्ता मंत्रालय: केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय।

लाभार्थी कवरेज: लाखों रेहड़ी-पटरी वालों को लाभ (सरकारी आंकड़ों में लाखों में रिपोर्टेड)।



किसे मिल सकता है लाभ? — पात्रता



शहरों/नगर पालिकाओं में पंजीकृत रेहड़ी-पटरी वाले व स्ट्रीट-वेंडर।

जिनकी आजीविका COVID-19 से प्रभावित हुई थी और जो पुनः व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं।
(नोट: पात्रता की विस्तृत शर्तें और डॉक्यूमेंट हर नगर निगम/शहरी निकाय के अनुसार अलग हो सकती हैं — आवेदन से पहले स्थानीय पोर्टल देखें।)



आवेदन कैसे करें?


1. अपने नज़दीकी नगर निगम या PM SVANidhi पोर्टल पर जाएँ।


2. जरूरी दस्तावेज़ (पहचान, व्यवसाय का प्रमाण) तैयार रखें।


3. ऑनलाइन फॉर्म भरें या संबंधित कार्यालय में जाकर आवेदन जमा करें।


4. लोन अलॉट होने पर भुगतान और ई-केवाईसी प्रक्रियाएँ पूरी करें।

 

कितने लोगों को फायदा



जुलाई में संसद में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में, आवास और शहरी कार्य मंत्रालय ने कहा था कि इस वर्ष 22 जुलाई तक पीएम स्वनिधि योजना के तहत 68.11 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को लाभ मिला है। मंत्रालय ने इस वर्ष मार्च में लोकसभा को सूचित किया था कि कुल 30.97 लाख महिला रेहड़ी-पटरी वालों को पीएम स्वनिधि से लाभ हुआ है, जो इस योजना के तहत कुल लाभार्थियों का 45 प्रतिशत हैं।