नवलगढ़ PNB बैंक से 6.50 करोड़ रुपए का सोना गायब:73 पैकेट में असली गोल्ड की जगह नकली रखा, तत्कालीन मैनेजर समेत 3 पर केस
नवलगढ़ (झुंझुनूं)। नवलगढ़ स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) शाखा में गोल्ड लोन के बदले जमा कराया गया करीब साढ़े छह करोड़ रुपये मूल्य का सोना नकली पाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बैंक के लॉकर में रखे कुल 76 पैकेट्स की जांच के दौरान 73 पैकेट्स में रखा सोना नकली निकला, जबकि 3 पैकेट्स के साथ छेड़छाड़ कर उनमें से असली सोना निकाल लिए जाने की आशंका जताई जा रही है।
नवलगढ़ (झुंझुनूं)। नवलगढ़ स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) शाखा में गोल्ड लोन के बदले जमा कराया गया करीब साढ़े छह करोड़ रुपये मूल्य का सोना नकली पाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बैंक के लॉकर में रखे कुल 76 पैकेट्स की जांच के दौरान 73 पैकेट्स में रखा सोना नकली निकला, जबकि 3 पैकेट्स के साथ छेड़छाड़ कर उनमें से असली सोना निकाल लिए जाने की आशंका जताई जा रही है।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि 450 पैकेट्स में से 73 गोल्ड पैकेट्स में नकली आभूषण पाए गए। तीन पैकेट में वजन भी कम मिला। वरिष्ठ शाखा प्रबंधक मुकेश सिहाग के अनुसार कुल 4198 ग्राम सोने के आभूषण नकली मिले हैं। इस पूरे मामले ने बैंकिंग सिस्टम और गोल्ड लोन सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्राहक के सोना लेने आने पर खुला मामला
जानकारी के अनुसार, यह गड़बड़ी उस समय सामने आई जब एक ग्राहक बैंक लॉकर से अपना सोना लेने पहुंचा। ग्राहक ने जब लॉकर खोलकर अपने गहने देखे तो वह हैरान रह गया। वहां उसका असली सोना मौजूद नहीं था, बल्कि असली की जगह नकली सोना रखा हुआ मिला।
इसके बाद बैंक में हड़कंप मच गया और तत्काल उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई। जांच के दौरान मामला और गंभीर होता चला गया।
लॉकर में रखे 76 पैकेट्स की जांच में बड़ा खुलासा
बैंक रिकॉर्ड के अनुसार, गोल्ड लोन के तहत जमा सोना लॉकर में 76 पैकेट्स में रखा गया था। जब इन पैकेट्स को जांच के लिए खोला गया, तो –
• 76 में से 73 पैकेट्स में नकली सोना पाया गया
• 3 पैकेट्स में छेड़छाड़ के संकेत मिले
• आशंका है कि 3 पैकेट्स से असली सोना निकाल लिया गया
यह घटनाक्रम बैंक में हुई सुरक्षा चूक को दर्शाता है, क्योंकि गोल्ड लोन के बदले रखा गया सोना बैंक की सबसे सुरक्षित संपत्तियों में माना जाता है।
4198 ग्राम सोना कम मिलने की पुष्टि
शुरुआती जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि बैंक के पास जमा कुल आभूषणों में से 4198 ग्राम सोना कम है।
यह कमी कैसे हुई, किस स्तर पर हेराफेरी हुई और नकली सोना लॉकर में कैसे पहुंचा—इन सभी बिंदुओं पर जांच जारी है।
तीन बैंक अधिकारियों/कर्मियों पर दर्ज हुआ मामला
मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनमें-
• अमित कुमार – तत्कालीन सीनियर बैंक मैनेजर (सीथल निवासी)
• संतोष कुमार सैनी – बैंककर्मी (बाजीवाली ढाणी, झाझड़ निवासी)
• अनंतप्रकाश चौधरी – उप प्रबंधक (मुकुंदगढ़ निवासी)
बताया जा रहा है कि लॉकर की जिम्मेदारी अमित कुमार और अनंतप्रकाश चौधरी के पास थी, जिससे मामला सीधे तौर पर उनकी भूमिका पर सवाल खड़ा करता है।
28 जनवरी को सीमा महला को सौंपी गई थी लॉकर की जिम्मेदारी
सूत्रों के मुताबिक 28 जनवरी को लॉकर की जिम्मेदारी उप प्रबंधक सीमा महला को सौंपी गई थी। इसके बाद जब लॉकर से संबंधित गतिविधियां शुरू हुईं, तो ग्राहक के मामले के जरिए यह गड़बड़ी सामने आ गई।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई पूरी करतूत
बैंक प्रबंधन की जांच के दौरान शाखा में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। फुटेज में 21 जनवरी को शाम करीब 6:50 बजे तत्कालीन वरिष्ठ शाखा प्रबंधक अमित कुमार जांगिड़ व बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट संतोष कुमार सैनी स्वर्ण आभूषणों को बॉक्स में भरकर बैंक शाखा से बाहर जाते हुए दिखाई दिए। इसके बाद 22 जनवरी को शाम 6:30 बजे दोनों को स्ट्रांग रूम स्थित गोल्ड सेफ में रखे स्वर्ण पैकेट्स से छेड़छाड़ करते हुए देखा गया। फिलहाल पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है। गोल्ड लोन स्कैम ने बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस जांच तेज, पूछताछ जारी, जल्द गिरफ्तारी का दावा
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। सहायक पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह राजावत ने बताया कि टीम द्वारा संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि –
• नकली सोना बैंक लॉकर में कब और कैसे रखा गया
• क्या इसमें बाहरी लोगों की भी भूमिका है
• गोल्ड लोन के दस्तावेजों और रिकॉर्ड में कोई छेड़छाड़ हुई या नहीं
• बैंक की ऑडिट प्रक्रिया में यह गड़बड़ी पहले क्यों नहीं पकड़ी गई
30 जनवरी को नए मैनेजर ने संभाला था पदभार
जानकारी के अनुसार मुकेश ने 30 जनवरी को ही नवलगढ़ शाखा में पदभार संभाला है। यानी यह मामला नए मैनेजर के आने से पहले का माना जा रहा है।
अब बैंक प्रबंधन भी आंतरिक स्तर पर जांच में जुटा हुआ है और पूरे गोल्ड लोन रिकॉर्ड की दोबारा समीक्षा की जा रही है।
बैंकिंग सुरक्षा पर उठे सवाल
इस पूरे प्रकरण के बाद आम ग्राहकों के मन में चिंता बढ़ गई है कि अगर बैंक लॉकर में रखा सोना भी सुरक्षित नहीं है तो गोल्ड लोन की प्रक्रिया कितनी भरोसेमंद है।
विशेषज्ञों के अनुसार, गोल्ड लोन में सुरक्षा के लिए—
• सोने की जांच (प्योरिटी टेस्ट)
• पैकेट सीलिंग
• लॉकर एक्सेस कंट्रोल
• नियमित ऑडिट
• सीसीटीवी निगरानी
जैसी व्यवस्थाएं बेहद जरूरी होती हैं।
ऐसे में 76 पैकेट्स में से 73 पैकेट्स में नकली सोना मिलना, एक बड़ा सिस्टम फेलियर माना जा रहा है।
जांच के बाद सामने आएंगे और बड़े खुलासे!
फिलहाल पुलिस और बैंक प्रबंधन की संयुक्त जांच जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
ग्राहकों की नजर अब इस पर टिकी है कि दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है और बैंक प्रभावित लोगों को किस तरह राहत देता है।
