नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म मामले में तीन दोषियों को आजीवन कारावास
अदालत ने लगाया 2.73 लाख रुपये का जुर्माना, दो साल पुराने मामले में आया फैसला
नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के एक जघन्य मामले में न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए तीनों दोषियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने तीनों पर कुल 2.73 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला विशिष्ट न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) की अदालत द्वारा सुनाया गया।
दो साल बाद पीड़िता को मिला न्याय
यह मामला झुंझुनूं जिले के मेहाड़ा थाना इलाके के करीब दो साल पुराना है, जिसमें एक 14 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। राज्य सरकार की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक द्वारा मामले की प्रभावी पैरवी की गई। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष 22 गवाहों के बयान और 52 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए।
आधी रात को घर में घुसकर किया गया अपहरण
मामले के अनुसार, घटना 16 फरवरी 2023 की रात की है। परिवादी ने रिपोर्ट में बताया कि रात करीब 12 से 1 बजे के बीच उसकी बेटी घर की दूसरी मंजिल पर सो रही थी।
इसी दौरान मुख्य आरोपी जबरन कमरे में घुसा और नाबालिग को उठाकर ले जाने लगा। पीड़िता की मां ने जब विरोध किया तो आरोपी ने उन पर हमला कर दिया और बच्ची को जबरन अपने साथ ले गया।
दूसरे घर में ले जाकर की गई दरिंदगी
इसके बाद तीनों आरोपी पीड़िता को एक अन्य आरोपी के घर ले गए, जहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म और मारपीट की गई। घटना के बाद परिजनों ने तुरंत पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिसके बाद जांच शुरू हुई।
वैज्ञानिक साक्ष्यों से अपराध हुआ सिद्ध
अदालत में प्रस्तुत वैज्ञानिक साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेजों के आधार पर तीनों आरोपियों का अपराध सिद्ध हुआ। माननीय न्यायालय ने इसे समाज के खिलाफ गंभीर और अमानवीय अपराध मानते हुए कड़ी सजा सुनाई।
दोषियों को सुनाई गई सजा
अदालत द्वारा दोषियों को निम्नानुसार दंडित किया गया—
• एक आरोपी को आजीवन कठोर कारावास और 1,12,000 रुपये जुर्माना
• दूसरे आरोपी को आजीवन कठोर कारावास और 1,11,000 रुपये जुर्माना
• तीसरे आरोपी को आजीवन कठोर कारावास और 50,000 रुपये जुर्माना
समाज के लिए कड़ा संदेश
यह फैसला न केवल पीड़िता को न्याय दिलाने वाला है, बल्कि समाज में यह सख्त संदेश भी देता है कि नाबालिगों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर कानून पूरी कठोरता से कार्रवाई करेगा। पोक्सो एक्ट के तहत इस तरह के मामलों में सख्त सजा अपराधियों के लिए चेतावनी है।
