UPI पर नया MDR नियम: ₹2,000 से ज्यादा पेमेंट पर क्या लगेगा चार्ज? ग्राहक और दुकानदार जान लें ये बातें

UPI MDR नियम 2026: ₹2,000 से ज्यादा के UPI भुगतान पर अब क्या लगेगा चार्ज? जानिए ग्राहकों और दुकानदारों के लिए पूरा नियम

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नई दिल्ली। UPI से भुगतान करने वाले लोगों और डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने वाले कारोबारियों के लिए सितंबर 2026 में नए नियम सामने आए हैं। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि UPI सभी तरह के भुगतान पर शुल्क वाला सिस्टम नहीं बना है। व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P भुगतान किसी भी राशि का हो, वह मुफ्त रहेगा। वहीं व्यापारी को किए जाने वाले ₹2,000 तक के भुगतान पर भी MDR नहीं लगेगा।

बदलाव मुख्य रूप से ₹2,000 से अधिक के कुछ Person-to-Merchant (P2M) लेनदेन पर लागू होगा। ऐसे निर्धारित लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR का प्रावधान किया गया है। ₹75,000 या इससे अधिक के लेनदेन में MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन रखी गई है।

सबसे पहले समझिए MDR क्या होता है

MDR यानी Merchant Discount Rate डिजिटल भुगतान के दौरान व्यापारी भुगतान से जुड़े पेमेंट इकोसिस्टम में निर्धारित शुल्क है। इसमें बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और UPI ऐप से जुड़े अन्य प्रतिभागी शामिल हो सकते हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि MDR न तो कोई सरकारी टैक्स है और न ही सरकार या NPCI द्वारा वसूला जाने वाला शुल्क है। यह भुगतान व्यवस्था से जुड़े प्रतिभागियों के बीच वितरित किया जाता है।

क्या अब UPI से पैसे भेजने पर चार्ज लगेगा?

नहीं।

अगर कोई व्यक्ति अपने दोस्त, रिश्तेदार या किसी अन्य व्यक्ति को UPI से पैसे भेजता है तो वह P2P यानी Person-to-Person transaction है। इस पर नए MDR ढांचे का असर नहीं पड़ेगा।

सरकार के मुताबिक P2P UPI लेनदेन राशि की परवाह किए बिना मुफ्त रहेगा। कुल UPI transaction value में P2P लेनदेन की हिस्सेदारी लगभग 70 प्रतिशत बताई गई है।

यानी उदाहरण के तौर पर:

₹500 दोस्त को भेजना — कोई MDR नहीं

₹5,000 दोस्त को भेजना — कोई MDR नहीं

₹50,000 परिवार के सदस्य को भेजना — कोई MDR नहीं


₹2,000 तक दुकान पर UPI पेमेंट भी मुफ्त

यदि आप किसी दुकान, होटल या अन्य व्यापारी को UPI से ₹2,000 तक का भुगतान करते हैं तो उस भुगतान पर MDR नहीं लगेगा।

सरकार ने साफ किया है कि ₹2,000 तक के P2M transactions मुफ्त रहेंगे और ग्राहक को UPI भुगतान के लिए कोई अलग शुल्क नहीं देना होगा।

₹2,000 से ज्यादा भुगतान पर क्या होगा?

नए ढांचे के अनुसार ₹2,000 से अधिक के निर्धारित P2M transactions पर 0.4% MDR लागू होगा।

उदाहरण के लिए, यदि कोई लेनदेन इस MDR व्यवस्था के दायरे में आता है तो:

UPI भुगतान 0.4% के हिसाब से MDR

₹3,000 ₹12
₹5,000 ₹20
₹10,000 ₹40
₹25,000 ₹100
₹50,000 ₹200
₹75,000 ₹300
₹1,00,000 ₹300 अधिकतम सीमा


यहां महत्वपूर्ण बात यह है कि MDR ग्राहक से अलग से वसूलने वाला शुल्क नहीं है। सरकार ने बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी है कि व्यापारी MDR का बोझ ग्राहक पर न डालें।

75,000 के बाद MDR की अधिकतम सीमा ₹300

नए नियम में बड़े व्यापारी लेनदेन के लिए MDR पर कैप लगाया गया है।

₹75,000 या उससे अधिक के निर्धारित P2M transaction पर 0.4 प्रतिशत की सामान्य गणना ₹300 से अधिक हो सकती है, लेकिन MDR प्रति transaction ₹300 से अधिक नहीं होगा।

उदाहरण के लिए ₹1 लाख के भुगतान का 0.4 प्रतिशत ₹400 होता है, लेकिन लागू कैप के कारण MDR अधिकतम ₹300 रहेगा।

क्या छोटे दुकानदारों पर भी MDR लगेगा?

छोटे कारोबारियों के लिए Zero-MDR व्यवस्था जारी रखने की बात सरकार ने कही है।

सरकारी जानकारी के मुताबिक P2PM श्रेणी में UPI QR के जरिए प्रति माह ₹1 लाख तक भुगतान प्राप्त करने वाले छोटे व्यापारी, जिनमें स्ट्रीट वेंडर्स आदि शामिल हैं, Zero-MDR व्यवस्था का लाभ लेते रहेंगे।

इसका मतलब यह है कि हर दुकानदार को ₹2,000 से ज्यादा के भुगतान पर अपने आप 0.4 प्रतिशत MDR नहीं देना होगा। व्यापारी की श्रेणी और लागू नियम भी देखे जाएंगे।

96 प्रतिशत व्यापारी लेनदेन पर नहीं पड़ेगा असर

यह नए UPI MDR नियम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है।

वित्त मंत्रालय के अनुसार लगभग 96 प्रतिशत P2M यानी व्यापारी लेनदेन MDR से प्रभावित नहीं होंगे। इनमें ₹2,000 तक के भुगतान और Zero-MDR व्यवस्था में आने वाले छोटे व्यापारियों के लेनदेन शामिल हैं।

सरकार के विश्लेषण के अनुसार MDR लगभग 4 प्रतिशत merchant transactions पर लागू होगा।

इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि अब हर UPI भुगतान पर शुल्क लगेगा।

ग्राहक से MDR वसूलने पर क्या व्यवस्था है?

सरकार के अनुसार MDR ग्राहक पर डालने वाला चार्ज नहीं है।

बैंकों को यह सुनिश्चित करने की सलाह दी गई है कि व्यापारी MDR को ग्राहक से अतिरिक्त राशि के रूप में न वसूलें। इसके साथ ही UPI ऐप प्रदाताओं को प्लेटफॉर्म फीस या छिपे हुए शुल्क लगाने से रोकने की व्यवस्था बताई गई है।

इसलिए यदि किसी ग्राहक से केवल UPI से भुगतान करने के नाम पर अतिरिक्त रकम मांगी जाती है, तो उसे सामान्य MDR नियम समझकर स्वीकार नहीं करना चाहिए।

रेलवे, टेलीकॉम, बीमा और पेट्रोलियम जैसे क्षेत्रों के लिए अलग व्यवस्था

कुछ आवश्यक और कम मार्जिन वाले क्षेत्रों के लिए सामान्य 0.4 प्रतिशत MDR के बजाय अलग फ्लैट दर निर्धारित की गई है।

सरकारी जानकारी के अनुसार रेलवे, दूरसंचार, बीमा, ईंधन और कृषि इनपुट जैसे क्षेत्रों में ₹2,000 से अधिक के निर्धारित लेनदेन पर ₹5 प्रति transaction का फ्लैट MDR लागू होगा।

इसका उद्देश्य इन क्षेत्रों में लेनदेन की लागत को एक निश्चित स्तर पर रखना बताया गया है।

शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड से जुड़े UPI भुगतान पर अलग दर

Capital Market से जुड़े भुगतान के लिए भी अलग MDR व्यवस्था रखी गई है।

सरकार के अनुसार म्यूचुअल फंड, सिक्योरिटीज, स्टॉक ब्रोकर और डीलर से संबंधित भुगतान पर 0.02 प्रतिशत MDR लागू होगा, जिसकी अधिकतम सीमा ₹300 प्रति transaction होगी।

क्या UPI इस्तेमाल करने की कोई मासिक फ्री लिमिट होगी?

नहीं।

नए MDR ढांचे के तहत आम व्यक्ति के लिए UPI के मुफ्त इस्तेमाल पर कोई मासिक quota या volume-based restriction नहीं लगाया गया है।

हालांकि बैंक और NPCI अलग-अलग transaction categories के लिए दैनिक transaction limits निर्धारित कर सकते हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये limits सुरक्षा और risk management से जुड़ी हैं, इन्हें MDR या शुल्क की सीमा नहीं समझना चाहिए।

MDR का पैसा किसे मिलेगा?

MDR सरकार के पास टैक्स के रूप में नहीं जाएगा। सरकार के अनुसार यह भुगतान इकोसिस्टम में शामिल प्रतिभागियों के बीच वितरित किया जाएगा।

इसमें बैंक, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर और UPI एप्लिकेशन प्रोवाइडर जैसे प्रतिभागी शामिल हैं। इसका उद्देश्य UPI के संचालन और उसके आगे विस्तार के लिए भुगतान इकोसिस्टम को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना बताया गया है।

UPI MDR नियम क्यों लाया गया?

UPI पर लंबे समय से आम नागरिकों के लिए मुफ्त डिजिटल भुगतान की व्यवस्था रही है। इससे छोटे दुकानदारों और ग्राहकों के बीच डिजिटल भुगतान तेजी से बढ़ा है।

नए ढांचे में सरकार ने एक तरफ व्यक्तिगत भुगतान और छोटे व्यापारियों को अतिरिक्त लागत से बचाने की व्यवस्था रखी है, वहीं बड़े मूल्य वाले कुछ व्यापारी लेनदेन के लिए MDR निर्धारित किया है।

सरकार ने इसे UPI इकोसिस्टम की दीर्घकालीन sustainability से जोड़ा है।

2025 में क्या व्यवस्था थी?

यह भी समझना जरूरी है कि UPI पर MDR का मुद्दा नया नहीं है।

मार्च 2025 में केंद्र सरकार ने कम मूल्य वाले BHIM-UPI P2M transactions को बढ़ावा देने के लिए ₹1,500 करोड़ की incentive scheme को मंजूरी दी थी। उस योजना में छोटे व्यापारियों के लिए ₹2,000 तक के UPI transactions पर Zero-MDR व्यवस्था और 0.15 प्रतिशत incentive का प्रावधान था।

अब सितंबर 2026 में जारी नए ढांचे में ₹2,000 से अधिक के निर्दिष्ट P2M transactions के लिए MDR की नई व्यवस्था सामने आई है।

UPI MDR नियम को आसान भाषा में ऐसे समझें

व्यक्ति → व्यक्ति:
किसी भी राशि का UPI भुगतान — मुफ्त

व्यक्ति → व्यापारी, ₹2,000 तक:
MDR — नहीं

छोटा व्यापारी, Zero-MDR श्रेणी:
MDR — नहीं

निर्दिष्ट व्यापारी भुगतान, ₹2,000 से अधिक:
MDR — 0.4%

₹75,000 या अधिक का सामान्य निर्धारित भुगतान:
MDR — अधिकतम ₹300

रेलवे/टेलीकॉम/बीमा/ईंधन/कृषि इनपुट जैसे निर्धारित आवश्यक क्षेत्र:
₹2,000 से अधिक भुगतान पर — ₹5 फ्लैट MDR

Capital Market से संबंधित निर्धारित भुगतान:
0.02%, अधिकतम ₹300

आम ग्राहक के लिए सबसे जरूरी 7 बातें

1. UPI बंद या पूरी तरह paid नहीं हुआ है।


2. व्यक्ति से व्यक्ति का UPI भुगतान मुफ्त रहेगा।


3. ₹2,000 तक के व्यापारी भुगतान पर MDR नहीं लगेगा।


4. हर ₹2,000 से ज्यादा भुगतान पर 0.4% MDR अपने आप नहीं लगेगा; यह निर्धारित P2M transactions और व्यापारी श्रेणी पर निर्भर है।


5. छोटे व्यापारियों के लिए Zero-MDR व्यवस्था जारी है।


6. MDR ग्राहक से अलग से वसूलने वाला शुल्क नहीं है।


7. सरकार के अनुसार करीब 96% merchant transactions नए MDR से प्रभावित नहीं होंगे।



एक नजर में UPI MDR नियम 2026

श्रेणी नियम

P2P भुगतान मुफ्त
P2M भुगतान ₹2,000 तक MDR नहीं
पात्र छोटे व्यापारी Zero-MDR
निर्धारित P2M भुगतान ₹2,000 से अधिक 0.4% MDR
₹75,000+ निर्धारित सामान्य भुगतान अधिकतम ₹300
Essential sectors ₹5 फ्लैट MDR
Capital Market 0.02%, अधिकतम ₹300
ग्राहक से MDR की अलग वसूली नहीं
प्रभावित P2M transactions लगभग 4%
अप्रभावित P2M transactions लगभग 96%


निष्कर्ष

UPI MDR के नए नियम को लेकर सबसे बड़ा भ्रम यह है कि “अब ₹2,000 से ज्यादा UPI करने पर ग्राहक से चार्ज लिया जाएगा।” सरकारी स्पष्टीकरण के अनुसार ऐसा नहीं है। MDR मुख्य रूप से निर्दिष्ट बड़े व्यापारी लेनदेन से संबंधित है।

आम व्यक्ति का P2P UPI भुगतान मुफ्त रहेगा। ₹2,000 तक के व्यापारी भुगतान भी MDR से मुक्त रहेंगे और छोटे व्यापारियों के लिए Zero-MDR व्यवस्था जारी रहेगी। वहीं निर्धारित ₹2,000 से अधिक P2M transactions पर 0.4 प्रतिशत MDR और ₹75,000 या अधिक के सामान्य निर्धारित लेनदेन पर ₹300 की अधिकतम सीमा रखी गई है।

महत्वपूर्ण: किसी विशेष व्यापारी या transaction पर MDR लागू है या नहीं, यह उसकी merchant category और लागू payment rules पर निर्भर करेगा। इसलिए केवल भुगतान की राशि देखकर यह निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए कि हर ₹2,000 से अधिक UPI transaction पर शुल्क लगेगा।