जिला प्रशासन ने कोरोना की दूसरी लहर के चरम काल में जहां रोगियों को सुविधाएं और इलाज पहुंचाने के कार्य में अग्रणी होकर कार्य किया तो वहीं अब अनलॉक के दौर में कोरोना से प्रभावित परिवारों को मदद पहुंचाने के मामले में भी अग्रणी बना हुआ है। पीड़ित परिवारों को किसी भी तरह की मदद पहुंचाने के कार्य में जिला कलेक्टर उमरदीन खान के निर्देशन में प्रशासन जोर शोर से कार्य कर रहा है। इसी के चलते मंगलवार को 10 अनाथ बच्चों को 1-1 लाख रुपए की सहायता राशि जिला प्रशासन सौंपेगा। गौरतलब है कि पिछले दिनों कोरोना वैश्विक महामारी से प्रभावित हुए परिवारों को राज्य सरकार द्वारा आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक संबल प्रदान करने की घोषणा की गई थी। इसके क्रियान्वयन में जिला कलक्टर उमर दीन खान के निर्देशों के तहत जिले में जिला, उपखण्ड, पंचायत समिति एवं नगर पालिका तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से कोरोना से प्रभावित परिवारों का सर्वे प्रारम्भ कर दिया गया था। जिसके तहत श्रेणीवार लोगों को चिह्नित कर उन्हें सरकार की योजनाओं से जोड़ने की कवायद शुरू कर दी थी। जिले में एक मार्च 2020 के बाद ऐसे परिवारों का सर्वे करवाया गया, जो परिवार कोरोना महामारी से प्रभावित हुआ है।
शुक्रवार को राज्य सरकार की ओर से ‘मुख्यमंत्री कोरोना बाल सहायता योजना’ के तहत कोरोना महामारी से अनाथ हुए बच्चों, विधवा महिलाओं एवं उनके बच्चों को सहायता राशि देने के साथ-साथ उनका पालन-पोषण एवं शैक्षणिक सहायता देने के संबंध में गाईड लाईन जारी की गई। इसमें तत्परता दिखाते हुए जिला कलक्टर उमर दीन खान ने संबंधित विभागों को इस कार्य में जुटने के निर्देश दिए और आवश्यक कार्रवाई पूर्ण करने को कहा। जिला कलेक्टर ने बताया कि जिले में 10 प्रकरण ऐसे आए है जिनमें बच्चों के माता-पिता दोनों की मृत्यु हो गई है। ऐसे 10 बच्चों को मंगलवार शाम तक तत्काल एक-एक लाख रूपये की एकमुश्त अनुदान राशि दी जाएगी और अन्य लोगों को भी शीघ्र कार्रवाई करते हुए पात्रता के अनुरूप सहायता राशि उपलब्ध करवा दी जाएगी।
यह मिलेगा लाभ:
‘मुख्यमंत्री कोरोना बाल सहायता योजना’ के तहत राज्य सरकार अनाथ प्रत्येक बालक एवं बालिका को तत्काल आवश्यकता के लिए एक लाख रूपये एकमुश्त सहायता राशि देगी। वहीं उनकी 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक प्रति माह प्रत्येक बालक एवं बालिका को 2500 रूपये सहायता राशि देगी। इसके अतिरिक्त प्रत्येक बालक एवं बालिका के 18 वर्ष पूर्ण करने पर 5 लाख रूपये की एकमुश्त सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त कक्षा 12 तक राजकीय आवासीय विद्यालय एवं छात्रावास या विद्यालय में निःशुल्क शिक्षा दी जाएगी। काॅलेज में अध्ययन करने वाली छात्राओं को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों में प्राथमिकता से प्रवेश दिया जाएगा। वहीं काॅलेज में अध्ययन करने वाले छात्रों के लिए आवासीय सुविधाओं के लिए अम्बेडकर डीबीटी वाउचर योजना का लाभ दिया जाएगा। इनकी पात्रता के लिए कोई अन्य शर्तें यथा जाति, आय इत्यादि लागू नहीं होगी। इसके अतिरिक्त ‘मुख्यमंत्री युवा संबल योजना’ के तहत बेरोजगारी भत्ता दिए जाने में भी इन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।
वहीं ‘मुख्यमंत्री कोरोना विधवा सहायता योजना’ के तहत विधवा महिला को एक लाख रूपये तत्काल अनुदान दिया जाएगा और पेंशन पात्रता धारित करने की अवधि में आजीवन 1500 रूपये प्रति माह पेंशन प्रदान की जाएगी। ‘मुख्यमंत्री कोरोना पालनहार सहायता योजना’ के तहत विधवा महिला के बालक एवं बालिका को 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने तक प्रति माह एक हजार रूपये प्रति बालक एवं बालिका को दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने तक विद्यालय पोशाक, पाठ्य पुस्तकें आदि के लिए दो हजार रूपये प्रति बालक एवं बालिका को एकमुश्त वार्षिक अनुदान दिया जाएगा। योजना का भुगतान बैंक खाते के माध्यम से ही किया जाएगा।
पीड़ितों को तुरंत मिले लाभ इसलिए कमेटी का गठन:
राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप कोरोना से प्रभावित परिवार को तुरंत लाभ मिल सकें इसके लिए जिला स्तर पर कमेटी का गठन भी कर दिया गया है। जिला कलक्टर उमर दीन खान ने बताया कि जिले में कोरोना से अनाथ हुए बच्चों एवं विधवा महिलाओं को लाभान्वित करने के लिए पात्रा व्यक्तियों के चिह्नीकरण के कार्य के लिए जिला स्तरीय कमेटी गठित की गई है। उन्होंने बताया कि कमेटी में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, महिला अधिकारिता विभाग के उप निदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक, बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक को शामिल किया गया है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक नरेश बारोठिया ने बताया कि जिला कलक्टर के निर्देशन में जिले में एक मार्च 2020 के बाद सर्वे करवाया गया जिनमें इन श्रेणियों के 1150 प्रकरण सामने आए। इसके बाद इनमें से कोरोना प्रभावित प्रकरणों को पृथक किया गया तो जिले में शहरी क्षेत्र में पिता की मृत्यु के 71 प्रकरण, माता एवं पिता दोनों की मृत्यु के 8 प्रकरण सामने आए हैं, जिनमें 79 बच्चों का चिन्हीकरण किया गया है, इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रा में पिता की मृत्यु के 114 प्रकरण, माता एवं पिता दोनों की मृत्यु के 2 प्रकरण सामने आए हैं, जिनमें 116 बच्चों का चिह्नीकरण किया गया है। बारोठिया ने बताया कि अगर कोई कोरोना प्रभावित परिवार सर्वे में वंचित रह गया है, तो वह भी सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में सम्पर्क कर सरकार की योजना से जुड़ सकता है।
जिला कलक्टर ने बताया कि जिले में मार्च 2020 के बाद के प्रकरणों पर सर्वे करवाया गया है जिनमें कोरोना से प्रभावित परिवारों के अतिरिक्त अन्य ऐसे प्रकरण है जिनमें पिता का निधन, माता या पिता दोनों का निधन हुआ है। ऐसे परिवारों की विधवा महिला को पेंशन तथा बच्चों को भी पालनहार योजना से लाभान्वित करवाया जाएगा।