पिलानी कस्बे में एक निजी अस्पताल में बालिका की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसको लेकर सोमवार को पूर्व विधायक मनोज न्यांगली, राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के पदाधिकारियों तथा बालिका के परिजनों ने जिला कलेक्ट्रेट पर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने अस्पताल को बंद करने एवं डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग की।
इस दौरान जिला कलेक्टर व एसपी को ज्ञापन भी दिया गया। इस मौके पर पूर्व विधायक मनोज न्यांगली ने बताया कि पिलानी के उक्त अस्पताल में आरती नाम की बच्ची को सही स्थिति में लाया गया था। उसको चार दिन अस्पताल में रखा। उपचार के नाम पर साढे चार लाख रुपए देने के बाद भी दो लाख रुपए की और मांग की गई। बाद में बच्ची को हिसार के लिए रैफर किया गया। बच्ची का शरीर नीला पड़ा हुआ था। हिसार के डॉक्टर ने देखने के बाद बताया कि बच्ची की मौत 48 घंटे पहले ही हो चुकी है।
इसको लेकर पिलानी थाने में मुकदमा भी दर्ज करवाया है। लेकिन उसमें कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने 72 घंटे में डॉक्टर को गिरफ्तार नहीं किए जाने पर आमरण अनशन की चेतावनी दी है। इस दौरान राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय सचिव मनोहर सिंह घोड़ीवारा, भरत सिंह आदि मौजूद थे।