सीकर : कोलिड़ा में पांच दिन की खुदाई के बाद भी 10 फीट नीचे दलदल में फंसा हुआ है मिस्त्री का शव, प्रशासन पर कार्रवाई में ढिलाई बरतने का आरोप |JHUNJHUNU NEWS

कोलिड़ा में शनिवार को पांचवें दिन भी खुदाई चलती रही

परिजनों ने प्रशासन पर कार्रवाई में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया
कोलिड़ा गांव के केसर नगर में गटर की कुई में दबे मिस्त्री का शव पांचवें दिन शनिवार को भी नहीं निकाला जा सका। 25 फीट खुदाई करने के बाद भी शव दलदल में 10 फीट नीचे फंसा हुआ है। उसके कमर तक का हिस्सा दिखाई दे रहा है और पैर अंदर फंसे हुए हैं। दादिया थानाधिकारी सुभाषचंद पूनिया ने बताया कि बार-बार मिट्टी धंसने से शव को कुई से नहीं निकाला जा सका। मंगलवार शाम को 5:30 बजे अचानक कुई की मिट्टी धंसने से मनरूप की मौत हो गई थी। शव निकालने के लिए शनिवार को सुबह बड़े पाइपों का सहारा लिया था। मिट्टी रोकने के लिए सीमेंट के फर्में 25 फीट तक लगाए जा चुके हैं। अब करीब 10 फीट की खुदाई और करनी है। सीओ ग्रामीण राजेश आर्य व सरपंच शिवपाल मील का कहना है कि शव के पास रेस्क्यू टीम पहुंचते ही फिर मिट्टी धंस जाती है। घटना स्थल के दोनों तरफ मकान होने के कारण खुदाई के लिए पूरी जगह भी नहीं मिल पा रहा है। फिर भी प्रयास जारी है।
मौके पर एडीएम धारासिंह और एसडीएम के अलावा सीकर तहसीलदार भी देर रात तक मौजूद रहे। इससे पहले दिन में घटना स्थल पर पहुंचे सांसद सुमेधानंद ने मृतक के परिजनों को ढांढ़स बंधाते हुए आर्थिक सहायता का भरोसा दिलाया। शव निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीम के 17 और सिविल डिफेंस के 15 सदस्य जुटे हुए हैं।
मृतक मनरूप के भाई के बेटे मुकेश ने बताया कि प्रशासन उन्हें पांच दिन से शव निकालने का आश्वासन दे रहा है, जबकि रात को काम बंद कर दिया जाता है। यदि 24 घंटे कार्रवाई चले तो शव जल्दी निकाला जा सकता है। परिजनों ने प्रशासन पर कार्रवाई में ढिलाई बरतने के आरोप लगाए हैं।

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