दरअसल, मनरूप मील को मिट्टी में दबे सात दिन हो गए। ऑपरेशन चल रहा है। पहले नजदीक पुरानी कुई को हटाया गया, उसके बाद पशुओं के लिए बने घरों को भी हटा दिया है। कोलिड़ा गांव के बुढानियों की ढाणी का मंजर भयावह नजर आ रहा है। 45 फीट गहरा गड्ढा किया गया है इसके बाद भी सफलता नहीं मिल पा रही है।
कलेक्टर मौके पर पहुंचे
लोगों का कहना है कि मानसून आने वाला है। जिस तरह से बचाव एजेंसी फेल हो रही है। लोगों की चिंता बढ़ने लगी है। कलेक्टर अविचल चतुर्वेदी दूसरी बार मौके पर पहुंचे। एजेंसी के इंजीनियर्स से आपरेशन के बारे में जानकारी ली। वहीं सुबह एनडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुंच गई है। हालांकि एसडीआरएफ का कहना है कि अब जल्द ही आपरेशन पूरा हो जाएगा।
मौके पर लोगों की संख्या बढ़ी
वहीं, तमाशबीन लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। रोजाना सुबह से आपरेशन शुरू होता है और देर रात तक चलता है। हर दफा बालू मिट्टी बचाव दल का रास्ता रोक लेती है। इस बार नीचे जमीन समतल करके पाइप डाले गए है। 45 फीट गहरी खुदाई के बाद उम्मीद की जा रही है। कि आखिर मनरूप को आज निकाल लिया जाएगा
