साल का आखिरी चंद्र ग्रहण कल:580 साल बाद सबसे लंबा आंशिक चंद्र ग्रहण
साल का आखिरी चंद्र ग्रहण 19 नवंबर, शुक्रवार के दिन लगने जा रहा है। ये आंशिक चंद्र ग्रहण होगा जो भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों में दिखाई देगा। जानकारों की मानें तो ऐसा 580 साल बाद होगा जब इतना लंबा आंशिक चंद्र ग्रहण देखा जाएगा। इससे पहले इतना लंबा चंद्रग्रहण 18 फरवरी 1440 में पड़ा था। जानिए कहां-कहां, कैसे और कब इस ग्रहण को देख पायेंगे।
कहां दिखाई देगा ये चंद्र ग्रहण? ये ग्रहण भारत के पूर्वोत्तर इलाकों में दिखाई देगा। अरुणाचल प्रदेश और असम के कुछ हिस्सों में इसे देखा जा सकेगा। इसके अलावा ये उत्तर और दक्षिण अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, पूर्वी एशिया और प्रशांत क्षेत्र में देखा जा सकेगा।
अरुणाचल प्रदेश के अतिरिक्त भारत में इस चंद्रग्रहण का सूतक नहीं रहेगा, इस ग्रहण की धार्मिक मान्यता नहीं रहेगी। जहां-जहां चंद्र ग्रहण दिखाई देता है, सिर्फ उन क्षेत्रों में ही सूतक जैसी धार्मिक मान्यताएं मान्य होती हैं।
भोपाल की खगोलविद् सारिका घारू ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश के कुछ ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में शुक्रवार की शाम 4.17 बजे कुछ सेकंड्स के लिए आंशिक चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। इसके बाद पेनुम्ब्रल चंद्र ग्रहण शुरू होगा जो कि 5.33 मिनट तक रहेगा। पेनुम्ब्रल चंद्र ग्रहण में चंद्र के आगे धूल से जैसी परत दिखाई देती है। इसका कोई ज्योतिषीय महत्व नहीं है, ना ही इसका कोई असर होता है।
59 साल बाद गुरु-शनि मकर राशि में और हो रहा है चंद्र ग्रहण
अभी गुरु-शनि मकर राशि में स्थित हैं और आंशिक चंद्र ग्रहण हो रहा है। गुरु-शनि मकर राशि में और चंद्र ग्रहण का योग 2021 से 59 साल पहले 19 फरवरी 1962 को हुआ था। 19 नवंबर का ग्रहण वृषभ राशि में हो रहा है, चंद्र इसी राशि में रहेगा।
चंद्र ग्रहण क्यों होता है?
जब पृथ्वी परिक्रमा करते समय सूर्य और चंद्र के बीच आ जाती है, ये तीनों ग्रह एक सीधी लाइन में आ जाते हैं, तब चंद्र ग्रहण होता है। इस स्थिति में सूर्य की रोशनी चंद्र तक पहुंच नहीं पाती है और चंद्र दिखाई नहीं देता है।

