सीकर जिले के कोलीड़ा गांव में शौचालय की कुई खुदाई के दौरान दुर्घटना का शिकार हुए मनरूप मील के शव को अभी तक रिकवर नही किया जा सका है। पिछले सात दिन से बचाव दल लगातार ऑपरेशन में लगे हुए है, लेकिन विकट परिस्थितियों के कारण अभी तक शव को निकालने में सफलता नही मिली है।
एनडीआरएफ की टीम पहुंची मौके पर
परिस्थितिया प्रतिकूल होने की वजह से एसडीआरएफ टीम को काफी मसकत के बाद निराशा ही हाथ लगी है। इस दौरान मौका स्थल पर एनडीआरएफ की टीम भी पहुंच चुकी है।
जिला कलेक्टर पहुंचे मौके पर
जिला कलेक्टर अविचल चतुर्वेदी आज दूसरी बार मौके पर पहुंचे और मौका मुआयना कर रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली। एनडीआरएफ की टीम के सदस्यों के द्वारा दिये गए सुझावों एवं बदलते मौसम को देखते हुए आगे की रणनीति में बदलाव किया गया है। शव को बाहर निकालने के लिए अभी तक 45 फुट से अधिक गड्ढा खोद लिया गया है, परन्तु आसपास में बने घरों में दरार आने की वजह से रेस्क्यू के तरीके में बदलाव किया गया है।
जिला कलेक्टर अविचल चतुर्वेदी ने बताया कि अब तक गड्ढे को जितना खोदा गया है, उसे मिट्टी से वापस भरा जाएगा। एवं उसके बाद ऊपर से नीचे की ओर शव की दिशा में पाइप डाल कर खुदाई शुरू की जाएगी। एनडीआरएफ बचाव दल के सदस्यों ने बताया कि बदलते मौसम की वजह से जल्द से जल्द गड्ढे को मिट्टी से भरकर नए सिरे से शुरुआत करनी पड़ेगी। गड्ढे में मिट्टी भराई का कार्य पूरा होने के बाद, कल शाम तक एक बार फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन की शुरुआत किए जाने की संभावना है।