इंजेक्शन चोरी का बड़ा खुलासा: 12 लाख के ह्यूमन एल्ब्यूमिन इंजेक्शन केस में चौथा आरोपी गिरफ्तार
झुंझुनूं | नवलगढ़ के जिला अस्पताल में लाखों रुपए के इंजेक्शन चोरी के मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई करते हुए अब चौथे आरोपी को भी गिरफ्तार कर चुकी है। इस मामले ने स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
🔍 क्या है पूरा मामला?
नवलगढ़ जिला अस्पताल से ह्यूमन एल्ब्यूमिन नामक महंगी दवा के इंजेक्शन चोरी होने का मामला सामने आया था।
जांच में खुलासा हुआ कि:
• 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच
• कुल 323 इंजेक्शन चोरी हुए, जिनकी कीमत करीब 12 लाख रुपए है
इस चौंकाने वाले खुलासे के बाद 5 अप्रैल 2026 को अस्पताल प्रशासन की ओर से पुलिस में मामला दर्ज कराया गया।
👮♂️ पुलिस की कार्रवाई
मामले की जांच एएसपी महावीर सिंह शेखावत के सुपरविजन में और सीआई अजय सिंह के नेतृत्व में की जा रही है।
अब तक पुलिस ने कुल 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
• दीपाली कुमावत (नवलगढ़)
• देवेंद्र सिंह (खाखोली, सीकर)
• विकास सैनी (बबाई)
• दीपेंद्र सैनी (डूंगरी वाली कांवट, सीकर) – नया गिरफ्तार आरोपी
दीपेंद्र सैनी हाल ही में जयपुर के झोटवाड़ा स्थित एक निजी अस्पताल में डायलिसिस कर्मी के रूप में कार्यरत था।
🔗 कैसे हुआ चोरी का नेटवर्क?
जांच में सामने आया कि:
• मुख्य आरोपी दीपाली कुमावत सीधे अस्पताल में कार्यरत नहीं थी
• वह डायलिसिस टेक्निशियन देवेंद्र सिंह के संपर्क में थी
• देवेंद्र सिंह के जरिए अन्य आरोपियों से कनेक्शन बना
• UPI ट्रांजैक्शन के जरिए पैसों का लेनदेन भी सामने आया है
इससे यह साफ होता है कि यह कोई एक दिन की चोरी नहीं, बल्कि संगठित तरीके से लंबे समय तक चल रही साजिश थी।
