राजस्थान क्राइम न्यूज़: पति के अवैध संबंध से परेशान पत्नी ने 15 लाख में दी महिला डॉक्टर की सुपारी
झुंझुनूं : राजस्थान और गुजरात से जुड़ा एक सनसनीखेज हत्याकांड का मामला सामने आया है, जिसमें रिश्तों की कड़वाहट ने अपराध का खौफनाक रूप ले लिया। गुजरात की एक महिला डॉक्टर की हत्या की साजिश रचने के आरोप में पुलिस ने एक सरकारी स्कूल की प्रधानाध्यापिका को गिरफ्तार किया है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी महिला काजल पटेल, निवासी उझा (जिला मेहसाणा, गुजरात) है, जो एक सरकारी विद्यालय में प्रधानाध्यापिका के पद पर कार्यरत है। काजल पटेल ने अपने पति के कथित अवैध संबंधों से परेशान होकर एक महिला चिकित्सक की हत्या की सुपारी दी थी।
प्रधानाध्यापिका की भूमिका
फायरिंग मामले के मुख्य आरोपी हिमांशु जाट और उसके साथियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि महिला डॉक्टर की हत्या की सुपारी दिलाने में सरकारी स्कूल की प्रधानाध्यापिका काजल पटेल की भूमिका रही। इसी खुलासे के आधार पर पुलिस ने काजल पटेल को मुख्य मुलजिम (सुपारी दिलाने वाली) के रूप में नामजद कर गिरफ्तार किया है। पुलिस की कार्रवाई और जांचइस पूरे प्रकरण में अब तक अवैध हथियारों के साथ कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिन पर सुपारी किलिंग की साजिश और लीखवा ठेके पर फायरिंग दोनों मामलों में कार्रवाई की जा रही है।
फायरिंग कांड से खुली साजिश की परतें
बृजेश ज्योति उपाध्याय (पुलिस अधीक्षक) ने जानकारी देते हुए बताया कि 21 नवंबर को पिलानी थाना क्षेत्र के गांव लीखवा स्थित शराब ठेके पर हुई फायरिंग की घटना में गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ के दौरान यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्हें 15 लाख रुपये में एक महिला डॉक्टर की हत्या की सुपारी दी गई थी।
पुलिस जांच और कार्रवाई
इस सूचना के बाद पुलिस उपाधीक्षक चिड़ावा विकास धींधवाल और पिलानी थानाधिकारी चंद्रभान के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर गहन जांच की गई। तकनीकी साक्ष्य, कॉल डिटेल और आरोपियों के बयानों के आधार पर काजल पटेल की भूमिका सामने आई।
पति के अवैध संबंध बने वजह
जांच में यह भी सामने आया कि काजल पटेल के पति हार्दिक पटेल के गुजरात की एक महिला चिकित्सक से अवैध संबंध थे। काजल को आशंका थी कि ये संबंध अब भी जारी हैं, जिससे दोनों परिवारों में तनाव का माहौल बना हुआ था। इसी तनाव के चलते उसने महिला चिकित्सक को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
आगे क्या?
पुलिस अब पूरे गिरोह, सुपारी किलिंग नेटवर्क और लेन-देन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
निष्कर्ष
यह मामला न केवल कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि निजी रिश्तों में उपजा तनाव किस तरह अपराध का कारण बन सकता है। पुलिस की सतर्कता से एक बड़ी वारदात होने से पहले ही साजिश का पर्दाफाश हो गया।
