Jhunjhunu News स्वायत्त शायन विभाग ने रविवार शाम राजस्थान नगर पालिका सेवा के 177 अधिकारियों की स्थानांतरण व पदस्थापन सूची जारी की।
नगर परिषद में आयुक्त अनिता खींचड़ का तबादला केकड़ी में रिक्त पद पर किया गया है। किशनगढ़ में आयुक्त मुकेश कुमार को नगर परिषद झुंझुनूं में आयुक्त लगाया गया है।

नगरपालिका गुढ़ागौडज़ी में अधिशाषी अधिकारी अशोक कुमार को श्रीमाधोपुर, सुजानगढ़ नगर परिषद में सचिव सुरेश कुमार चौहान को गुढ़ागौड़जी, सुरेश कुमार वर्मा को सिंघाना से बिसाऊ, रायसिंहनगर से राकेश कुमार को उदयपुरवाटी, नवलगढ़ से रामरतन चौधरी को मूंडवा, मुकुंदगढ़ से प्रमोद कुमार जांगिड़ को बगड़, बिसाऊ से द्वारकाप्रसाद को सिंघाना, खेतड़ी से ऋषिदेव ओला को जायल अधिशाषी अधिकारी लगाया गया है।
मंडावा से सीताराम को नगर परिषद सीकर में राजस्व अधिकारी, बगड़ में ईओ नवनीत कुमार को अधिशाषी अधिकारी नवलगढ़, नगरपालिका विद्या विहार पिलानी से भरत कुमार को सूरजगढ़, नगर परिषद झुंझुनूं में कार्यरत राजस्व अधिकारी दीपिका गजराज को नगर परिषद नीमकाथाना, वर्षा चौधरी को राजस्व अधिकारी नगर परिषद झुंझुनूं, नगर परिषद सीकर में राजस्व अधिकारी नेहा चौधरी को झुंझुनूं नगर परिषद, पौख ईओ रघुवीर वर्मा को बसेड़ी, नगर परिषद चूरू में राजस्व अधिकारी अरविंद शर्मा को झुंझुनूं नगर परिषद में कर निर्धारक व नागरमल गुर्जर को खेतड़ी नगरपालिका में अधिशाषी अधिकारी लगाया गया है।
स्वायत्त शासन विभाग का ‘यू टर्न’

राजनीतिक नियुक्तियों के लिए जारी आदेश को किया स्थगित, देर रात विभाग ने आदेश जारी कर किया स्थगित
निकायों में 550 पार्षदों की नियुक्ति के आदेश को किया रद्द, एक दिन पहले ही की थी नियुक्ति.!
जयपुर । राज्य में भजनलाल सरकार ने एक दिन पहले प्रदेश के 78 नगरीय निकायों (नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका) में की गई राजनैतिक नियुक्तियों (पार्षदों के मनोनयन) पर यू-टर्न ले लिया है। स्वायत्त शासन निदेशालय ने कल यानी 13 अक्टूबर को इन निकायों में 550 पार्षद नियुक्त किए थे, जिनके आदेश को आज रद्द कर दिया। हालांकि नियुक्ति किस कारण रद्द की गई, इसके पीछे प्रशासनिक कारण बताया है, लेकिन सियासी हलको में चर्चा है कि बीजेपी के ही कई पदाधिकारी (स्थानीय स्तर के) इन नियुक्ति से संतुष्ट नहीं थे।
स्वायत्त शासन निदेशालय के निदेशक कुमार पाल गौतम ने ही 13 अक्टूबर को आदेश जारी करते हुए 78 निकायों में 550 पार्षदों की नियुक्ति की थी। लेकिन रात करीब 1 बजे इन आदेशों को वापस रद्द किया गया।
सियासी हलकों में चर्चा का विषय
नियुक्तियां देकर कुछ ही घंटों में वापस छीनने का मामला सियासी हलकों में चर्चा शुरू हो गई। कुछ लोग इस निर्णय के पीछे बीजेपी की अंदरूनी सियासत को जिम्मेदार मान रहे है। बताया जा रहा है कि विधानसभा क्षेत्रों में ब्लॉक और जिला अध्यक्ष के अलावा स्थानीय स्तर पर पार्टी के पदाधिकारी इन नियुक्तियों से संतुष्ट नहीं थे। इस असंतोष को देखते हुए सरकार ने फैसला तुरंत वापस ले लिया।
नए सिरे से हो सकती है एक्सरसाइज
सूत्रों का कहना है- अब इन नियुक्तियों पर नए सिरे से एक्सरसाइज की जाएगी। इसमें स्थानीय स्तर से सुझाव और नाम लेने के बाद निर्णय किया जाएगा। बताया जा रहा है कि इसमें थोड़ा वक्त लग सकता है, जिसके बाद ही नए सिरे से नियुक्ति के आदेश जारी किए जा सकते है।
इन निकायों में की थी नियुक्तियां
नगर पालिका (नपा) : राजगढ़ (अलवर), खेड़ली, कठूमर, रैणी, लक्ष्मणगढ़ (अलवर), बड़ौदामेव, रामगढ़ (अलवर), नौगांवा, गोविंदगढ़, थानागाजी, बहादुरपुर, मालाखेड़ा, उनियारा, देवली, श्रीडूंगरढ़, नोखा, खाजूवाला, देशनोक, शाहपुरा, सागवाड़ा, विजयनगर, रायसिंह नगर, गजसिंहपुर, केसरीसिंहपुर, श्रीकरणपुर, मारवाड़ जंक्शन, रानी, फालना, सादड़ी, बाली, जैतारण, सुमेरपुर, तखतगढ़, सोजत शहर, भीनमाल, बूंदी, इंद्रगढ़, नैंनवा, केशवारायपाट, लाखेरी, देई, हिंडौली, कापरेन, बाड़ी, राजाखेड़ा, सरमथुरा, बसेड़ी, छापर, रतनगढ़, बीदासर, तारानगर, रतन नगर, सिकराय, भाण्डारेज, बसवा, बांदीकुई, रामगढ़ पचावारा, मंडावरी, मंडावर, महुवा, कांमा और नदबई।
नगर परिषद : टोंक, गंगानगर, अनूपगढ़, जालौर, सांचौर, धौलपुर, सरदारशहर, राजलदेसर, दौसा और लालसोट।
नगर निगम : पाली, जोधपुर दक्षिण, जोधपुर उत्तर, उदयपुर और भरतपुर
