Jhunjhunu News जिला कलेक्टर के आदेशों पर उठे सवाल : मंडावा में एईएन का पद ही नहीं, फिर भी दे दिया जेईएन को अतिरिक्त कार्यभार

Jhunjhunu District Collector जिला कलेक्टर के आदेशों पर उठे सवाल

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मंडावा में एईएन का पद ही नहीं, फिर भी दे दिया जेईएन को अतिरिक्त कार्यभार

झुंझुनूं,  जिला कलेक्टर डॉ. अरूण गर्ग के आदेशों पर ना केवल सवाल उठे है। बल्कि प्रशासनिक और सियासी गलियारों में इस आदेश को लेकर तरह—तरह की चर्चाएं भी शुरू हो गई है। दरअसल मंडावा नगरपालिका में जेईएन के पद पर महेशचंद्र महावर कार्यरत है। जिसे शुक्रवार को एक आदेश जारी कर जिला कलेक्टर ने मंडावा एईएन का कार्यभार भी दे दिया है।

आदेशों में मंडावा नगरपालिका में एईएन का पद रिक्त बताते हुए कार्यभार दिया गया है। जबकि सूत्र बताते है कि स्थानीय निकाय में झुंझुनूं नगर परिषद और नवलगढ़ नगरपालिका के अलावा जिले की किसी भी नगरपालिका में एईएन का पद स्वीकृत नहीं है। एक जेईएन को जबरदस्ती पद रिक्त बताते हुए एईएन का कार्यभार देना, किसी के गले नहीं उतर रही है। जबकि जिस जेईएन महेशचंद्र महावर को एईएन का रिक्त पद का कार्यभार दिया गया है। वो भी हमेशा विवादों में रहे है।

चार—पांच महीने पहले मार्च में ही जेईएन को मंडावा नगरपालिका से एपीओ कर दिया गया था। वहीं सीकर और झुंझुनूं जिले के निकायों में भी जेईएन महेशचंद्र महावर का कार्यों को लेकर सवाल उठते रहे है। बावजूद इसके मंडावा में एईएन पद ना होते हुए महेशचंद्र महावर को एईएन का कार्यभार देना सवाल खड़े कर रहा है।

एक लाख से बढाकर 10 लाख का ‘पॉवर गेम’


दरअसल जेईएन को एईएन का कार्यभार मिलने के बाद ‘पॉवर गेम’ है। निकायों में एक लाख रूपए से उपर और 10 लाख रूपए तक के कार्यों की तकनीकी जांच और कार्यों के मापदंड होने की जांच एईएन द्वारा की जाती है। माना जा रहा है कि जेईएन महावर ने जनप्रतिनिधियों के जरिए अधिकारियों को अंधेरे में रखकर 10 लाख रूपए तक का पॉवर खुद ही ले लिया।

जबकि जेईएन महेशचंद्र महावर अपने कार्यकाल में कई बार सस्पैंड हो चुके है। एपीओ हो चुके है और चार्जशीट भी ले चुके है। ऐसे अधिकारी को जबरदस्ती बिना पद के एईएन का कार्यभार देना कई तरह के सवाल खड़ा कर रहा है। बताया जा रहा है कि पिलानी और राजगढ़ से महावर सस्पैंड और मंडावा से एपीओ हो चुके है।

पड़ौस में दो—दो एईएन, फिर भी कार्यभार दिया

मंडावा के पड़ौस में दो—दो एईएन है। मंडावा से नवलगढ़ और झुंझुनूं दोनों की दूरी करीब 30 किलोमीटर है। जहां पर नगरपालिका में एईएन पदस्थापित है। इनमें से ही एक एईएन को अब तक मंडावा नगरपालिका में कार्य आवंटित किया जाता रहा है। लेकिन बिना पद स्वीकृत के अब मंडावा जेईएन को ही एईएन का चार्ज दिया गया है। यही नहीं नवलगढ़ और झुंझुनूं से खेतड़ी की दूरी 55 से 60 किलोमीटर है।

जहां पर एईएन के आने—जाने और वहां के अधिकारियों—कर्मचारियों को एईएन से काम करवाने के लिए सिलसिले में आने—जाने में मंडावा से कहीं ज्यादा परेशान होना पड़ता है। बावजूद इसके मंडावा में जेईएन को एईएन का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।