Rajasthan Weather Today: राजस्थान में मॉनसून ने पकड़ी रफ्तार, जयपुर-सीकर में बारिश तो जानिए आपके शहर का हाल

Rajasthan Monsoon Update: राजस्थान में मौसम ने करवट बदल रखी है। गर्मी-उमस तो है लेकिन कई जगह बारिश से लोगों को थोड़ी राहत भी मिल रही। आज भी कई जिलों में बारिश के आसार हैं। जानिए कैसा रहेगा मौसम।

सीकर: राजस्थान में यहां भारी तूफानी बारिश, जमीन धंसने से कारें गिरी, घरों में घुसा पानी, बाजार बंद..!!

सीकर: राजस्थान के सीकर जिले में बुधवार को भारी तूफानी बारिश हुई। तेज हवाओं के साथ करीब डेढ घंटे हुई झमाझम बारिश से शहर के कई इलाके पानी से लबालब हो गए। नवलगढ़ रोड तो पूरी नहर में तब्दील हो गई। दुकानोंं के साथ कई घरों में भी पानी घुस गया। शिवसिंहपुरा में तो यूबी बिल्डिंग की जमीन ही धंस गई। जिस पर खड़ी कारें भी टेढ़ी हो गई। पानी भराव को लेकर नवलगढ़ रोडवासियों की परेशानी व आक्रोश दोनों बढ़ गए। बाजार के साथ राहगिरों की आवाजाही भी बंद हो गई।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Join Join Now

तीन दिन बारिश का अलर्ट:

इधर, मौसम विभाग ने जिले में आगे भी तीन से चार दिन तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है। इस संबंध में मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने जिले में येलो अलर्ट जारी कर हल्की बारिश के आसार जताए हैं।

दो दिन यहां होगी बारिश:

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार गुरुवार को पूर्वी राजस्थान के अलवर, बारां, भरतपुर, दौसा, झालावाड़ व कोटा में भारी और अजमेर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौडगढ़़, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनू, करौली, सवाई माधोपुर, सीकर, टोंक व उदयपुर जिलों में मेघ गर्जन व बिजली की चमक के साथ हल्की बारिश होगी। इसी तरह शुक्रवार को बारां, भरतपुर, धौलपुर, झालावाड़, करौली, कोटा, सवाई माधोपुर और पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर में भारी तथा अजमेर, अलवर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौडगढ़़, दौसा, जयपुर, झुंझुनूं, टोंक तथा सीकर में हल्की बारिश होने की संभावना है। इसे लेकर भी मौसम विज्ञान केंद्र ने येलो अलर्ट जारी किया है।

आज यहां हुई बारिश:

मौसम विभाग के अनुसार आज 9 जिलों में बारिश हुई। झुंझुनूं, दौसा, जयपुर, धौलपुर, अलवर, करौली, सीकर, सवाई माधोपुर व टोंक में हल्की तो कहीं मध्यम गति से बादल बरसे।

ये है मौसमी सिस्टम:

मौसम विज्ञान के अनुसार फिलहाल मानसून की अक्षीय रेखा अपनी सामान्य स्थिति पर चल रही है। ट्रफ का पूर्वी छोर अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर है। एक और ट्रफ रेखा सिक्किम से पश्चिम बंगाल होते हुए उत्तरी छत्तीसगढ़ तक फैली हुई है।औसत समुद्र तल पर अपतटीय दबाव की रेखा महाराष्ट्र तट से केरल तट तक जा रही है। उत्तर पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।दक्षिण गुजरात पर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। वहीं, एक और चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी पर है।