Rajasthan Voter Id Card Kaise Banaye: क्या आप भी Rajasthan राज्य के रहने वाले है और आगामी लोकसभा चुनावों मे हिस्सा लेने वाले है तथा सिर्फ 10 दिनोें के भीतर अपना नया Voter Card बनाना चाहते है तो हमारा यह आर्टिकल केवल और केवल आपके लिए है जिसमें हम, आपको विस्तार से यह बताने का प्रयास करेगे कि, Rajasthan Voter Id Card Kaise Banaye?
वोटर आईडी कार्ड का हिन्दी अर्थ
(Voter ID Card Meaning in Hindi)
Voter ID Card को हिन्दी में “मतदाता पहचान पत्र” कहा जाता है।
वोटर आईडी कार्ड क्या है (What is Voter ID Card in Hindi)
वोटर आईडी कार्ड को Election Photo Identification Card और Electors Photo Identification Card (EPIC) के नाम से भी जाना जाता है। भारत में वोटर आईडी कार्ड एक अहम दस्तावेज है, यह भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी किया जाता है। वोटर आईडी कार्ड के बिना कोई भी व्यक्ति वोट नहीं डाल सकता। केवल वयस्क अर्थात 18 साल से अधिक उम्र वाले व्यक्ति का ही बनता है। हर Voter ID Card में एक Unique Number होता है। यही नम्बर एक वोटर आईडी कार्ड को दूसरे वोटर आईडी कार्ड से अलग बनाता है और इसी कारण हर व्यक्ति की अलग पहचान होती है।
मतदाता पहचान पत्र भारतीय चुनाव आयोग द्वारा जारी किया जाता है। वोटर आईडी कार्ड बनवाने के लिए आप ऑफलाइन व ऑनलाइन दोनों तरीके से आवेदन कर सकते है। वोटर आईडी कार्ड के लिए आप राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल (national voters services portal) पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। ईपीआईसी (EPIC) को एक पहचान पत्र के रूप में भी काम लिया जा सकता है।
अब वोटर कार्ड बनवाने या वोटर सूची में नाम जोड़वान के लिए वोटर हेल्पलाइन एप voter helpline app डाउनलोड करके घर बैठे अपना नाम मतदाता सूची में जुड़ावा सकते हैं। वोटर हेल्पलाइन एप से वोटर कार्ड संबंधी सारी जानकारी मिल जाएगी। वोटर कार्ड संबंधी किसी समस्या के लिए 1950 पर कस्टमर केयर से बात करके सुझावा भी ले सकते हैं। Call Voter helpline 1950 or download ‘Voter Helpline’ App और वेबसाइट के माध्यम से भी www.nvsp.in पर विजिट कर सकते हैं।
मतदान केन्द्रों पर विशेष शिविर
झुंझुनूं : जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन विभाग द्वारा मतदाता सूचियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान विशेष अभियान आयोजित किया जा रहा हैं।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए विशेष अभियान
जिला निर्वाचन अधिकारी अग्रवाल ने बताया कि 29 अप्रैल को अधिसूचना जारी होगी, उससे दस दिन पहले तक कोई भी आवेदन करता है तो उसका वोट बन जाएगा।
उन्होंने बताया कि जो आवेदक अर्हता दिनांक 01 जनवरी, 2024 को पंजीकरण हेतु पात्र हो रहे हैं, वे प्रारूप प्रकाशन की तिथि से मतदाता सूची में नाम जुड़वाने हेतु प्रपत्र-6 में अपने दावे प्रस्तुत कर सकते हैं। मतदाता सूची में पंजीकरण हेतु विशेष अभियान के दौरान बीएलओ मतदान केन्द्रों पर उपस्थित रहकर दावे व आक्षेप के प्रार्थना पत्र प्राप्त करेंगे तथा राजनैतिक दलों के बूथ स्तरीय अभिकर्ता दावे व आपत्तियां प्राप्त करने में सहयोग देंगे। विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान कार्य दिवस में भी दावे व आपत्तियों के आवेदन पत्र अधिकृत अधिकारी, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी व सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के कार्यालय में प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
यह रहेंगे आवश्यक प्रपत्र, कर सकते हैं ऑनलाईन आवेदन
इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाता सूची में नए मतदाता के रूप में नाम जुड़वाने हेतु आवेदक को प्रपत्र-6, मौजूदा निर्वाचक नामावली में नाम जोड़े जाने के प्रस्तावों या दर्ज प्रविष्टियों में आपत्तियों एवं नाम हटाने हेतु प्रपत्र-7, एक ही विधानसभा क्षेत्र में निवास का स्थानान्तरण, एक विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से दूसरे विधानसभा क्षेत्र में निवास का स्थानान्तरण एवं प्रविष्टियों में सुधार व अद्यतन हेतु प्रपत्र-8 में आवेदन करना होगा। इसी के साथ उपलब्ध होने पर प्रपत्र-6 एवं प्रपत्र-8 में आवेदन करते समय आवेदक को आधार संख्या प्रस्तुत करनी है।
उन्होंने बताया कि मतदान केन्द्र के लिए नियुक्त बीएलए द्वारा बीएलओ को एक दिन में एक साथ 10 आवेदन पत्र प्रस्तुत किये जा सकते हैं। सम्पूर्ण पुनरीक्षण अवधि में बीएलए द्वारा 30 आवेदन पत्र से अधिक आवेदन पत्र प्रस्तुत किये जाने पर ईआरओ/एईआरओ द्वारा क्रॉस सत्यापन किया जायेगा।
बीएलए द्वारा जमा कराये गये आवेदन पत्रों की सूची बीएलए की इस घोषणा के साथ प्रस्तुत की जायेगी कि उसके द्वारा व्यक्तिगत रूप से सभी प्रपत्रों को जाँच लिया गया है, वह संतुष्ट है तथा सभी आवेदन प्रपत्र-सही हैं। गौतम ने बताया कि मतदाता सूची में नाम पंजीकरण हेतु पात्र व्यक्ति भारत निर्वाचन आयोग के एनवीएसपी पोर्टल अथवा वीएचए-वोटर हेल्पलाइन एप्प के माध्यम से ऑनलाईन आवेदन भी कर सकते हैं।
