20 जून को विधायक की मौजुदगी में हुई थी समझौता वार्ता।
गांगियासर के रायमाता मंदिर भूमि के रास्तें का विवाद एक बार फिर से सामने आया है जिसको लेकर बिसाऊ थाने में रिपोर्ट दी गई है। मंदिर महंत दशमगिरी महाराज ने बताया कि प्रशासन ने करीब तीन-चार रोज पहले मंदिर भूमि रास्तें पर समझौता के अनुसार तारबंदी करवा दी थी लेकिन रविवार को इनायत खांअपनी बैलगाड़ी को लेकर बणी में घुसकर कोदेसर रोड़ पर जाने के लिए तारबंदी तोड़ कर निकला। जिसको लेकर महंत ने मना किया तो जबरदस्ती तार तोड़ कर चला गया। श्री रायमाता प्रबंध समिति के प्रवक्ता ने बताया कि बिसाऊ पुलिस को नामजद शिकायत दी गई तथा रायमाता मंदिर समिति और प्रबंधन के लोग पुलिस और प्रशासन को अवगत करा चुके है की इस प्रकार रोज-रोज की छेडख़ानी अगर जारी रही तो हमारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए हमको दुबारा से एकजुट होना होगा तथा प्रशासन उनको ठीक से पाबंद करें एवं कानून की पालना सुनिश्चित कराएं। बतादे की गांगियासर गांव के रायमाता भूमि से रास्ता निकालने को लेकर चल रहे विवाद मामले में 20 जून को मंदिर परिसर में विधायक रीटा चौधरी एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बैठक आयोजित हुई थी। जिसमें जुनागढ़ अखाड़ा परिषद गदीपति पृथ्वी गिरी, महामंडलेश्वर साध्वी करूणा गिरी, बुधगिरी मंडी फतेहपुर के पीठाधीश्वर दिनेश गिरी महाराज, मंदिर महंत दशमगिरी की उपस्थिति में समझौते को लेकर हुई बात में तय हुआ था कि मंदिर भूमि की जमीन से कोई भी रास्ता नहीं दिया जाएगा। जो तारबंदी प्रशासन ने हटाई है प्रशासन द्वारा वापस करवा दी जाएगी। समझौते में यह भी तय हुआ था कि मंदिर भूमि की जमीन को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं किया जाएगा तथा मंदिर भूमि का सीमा ज्ञान प्रशासन द्वारा करवाया जाएगा तथा भूमि के अतिक्रमण को भी हटाया जाएगा। वहीं प्रशासन की और से पिछले चार दिनों से भूमि के सीमा ज्ञान का काम भी चल रहा है।
